IPL की सबसे सफल टीमों में गिनी जाने वाली मुंबई इंडियंस इन दिनों अपने सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही है। एक समय था जब मुंबई इंडियंस का नाम सुनते ही विरोधी टीमों पर दबाव बन जाता था। 2013 से 2020 के बीच पांच बार ट्रॉफी जीतने वाली यह टीम IPL की सबसे मजबूत फ्रेंचाइजी मानी जाती थी। अब पिछले तीन सीजन में टीम का प्रदर्शन लगातार गिरा है और अब सवाल टीम मैनेजमेंट के फैसलों के साथ हार्दिक पांड्या की कप्तानी पर भी उठने लगे हैं।

 

IPL 2026 प्लेऑफ से मुंबई इंडियंस के बाहर होते ही फैंस एक बार फिर रोहित शर्मा की कप्तानी को याद करने लगे हैं। रोहित के नेतृत्व में मुंबई ने सिर्फ 5 IPL ट्रॉफियां ही नहीं जीती थीं, बल्कि 2 बार चैंपियंस लीग का खिताब भी अपने नाम किया था। यही वजह है कि आज भी फैंस उनकी कप्तानी की मिसाल देते हैं।

 

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वहीं हार्दिक पांड्या की बात करें तो उनकी कप्तानी में गुजरात टाइटंस ने IPL 2022 का टाइटल जीता था। इसके बाद IPL 2023 में भी टीम उनकी कप्तानी में फाइनल तक पहुंची लेकिन खिताबी मुकाबले में हार गई। हार्दिक की कप्तानी से प्रभावित होकर मुंबई इंडियंस ने उन्हें टीम में वापस लाकर कप्तानी की जिम्मेदारी सौंप दी थी।

हार्दिक पांड्या की कप्तानी में लड़खड़ाई मुंबई इंडियंस

आंकड़े गवाह हैं कि हार्दिक पांड्या की कप्तानी में मुंबई की वह धाक खत्म हो गई है। 2024 में मुंबई तालिका में सबसे नीचे रही थी। इसके बाद IPL 2025 में टीम किसी तरह प्लेऑफ क्वालीफाई करने में सफल रही लेकिन 2026 में एक बार फिर प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई है।

 

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बल्ले और गेंद से औसत प्रदर्शन के साथ-साथ उनकी फिटनेस और दबाव के क्षणों में टीम को एकजुट न रख पाना हार की मुख्य वजह बना। मुंबई इंडयंस के कप्तान बनने के बाद हार्दिक पांड्या ने 37 मैचों में 586 रन बनाए हैं। जिसमें न तो कोई शतक और न ही अर्धशतक है। वहीं उन्होंने इस दौरान उन्होंने 29 विकटे लिए।

 

हार्दिक पांड्या ने अब तक मुंबई इंडियंस की 37 मैचों में कप्तानी की है। इनमें टीम को सिर्फ 15 मैचों में जीत मिली, जबकि 22 मुकाबलों में हार झेलनी पड़ी। बतौर कप्तान हार्दिक का विनिंग प्रतिशत 40.54 रहा है, वहीं टीम करीब 59 फीसदी मैच हार चुकी है। इन आंकड़ों से साफ है कि कप्तानी में हार्दिक अब तक कोई खास असर छोड़ते नजर नहीं आए हैं।