अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 का 19वां मुकाबला गुरुवार (22 जनवरी) को पाकिस्तान और जिम्बाब्वे के बीच खेला गया। यह ग्रुप-C का आखिरी मैच था। हरारे के ताकाशिंगा स्पोर्ट्स क्लब मैदान में खेले गए इस मुकाबले में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया और जिम्बाब्वे को 128 रन पर ढेर कर दिया।

 

इस छोटे टारगेट का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम ने 10 ओवर में 1 विकेट के नुकसान पर 66 रन बना लिए थे। वह आसानी से 20वें ओवर तक जीतती दिख रही थी लेकिन उसने जानबूझकर धीमी बल्लेबाजी की और 26वें ओवर में जाकर जीत दर्ज की। 

 

पाकिस्तान ने इस जीत के साथ सुपर-6 में जगह बनाई। उसके धीमे रन चेज के चलते जिम्बाब्वे ने सुपर-6 स्टेज के लिए क्वालिफाई कर लिया और स्कॉटलैंड टूर्नामेंट से बाहर हो गया। जिम्बाब्वे और स्कॉटलैंड के पास 1-1 पॉइंट्स थे। टूर्नामेंट की सह-मेजबान जिम्बाब्वे की टीम पाकिस्तान के रहम-ओ-करम पर नेट रन रेट के आधार पर अगले राउंड में पहुंची। अब पाकिस्तानी टीम के अप्रोच पर सवाल उठ रहे हैं।

 

यह भी पढ़ें: RCB को खरीदेंगे अदार पूनावाला? बोले - फ्रेंचाइजी के लिए बड़ी बोली लगाऊंगा

पाकिस्तान ने क्यों धीरे-धीरे रन बनाए?

पाकिस्तान ने रन चेज में 14वें ओवर के बाद अचानक रन बनाने की रफ्तार धीमी कर दी। उसके बल्लेबाजों ने अगले 12 ओवर में 3 के रन रेट से सिर्फ 36 रन बनाए और कोई बाउंड्री नहीं लगाया। जैसे ही जिम्बाब्वे का सुपर-6 का टिकट पक्का हुआ पाकिस्तानी ओपनर समीर मिन्हास ने दो गेंद पर दो छक्के लगाए और मुकाबला खत्म कर दिया। 

 

पाकिस्तान ने 129 रन के टारगेट को 26.2 ओवर में 2 विकेट खोकर हासिल किया। अगर पाक टीम ने इस रन चेज को 25.2 ओवर में अंजाम दिया होता तो जिम्बाब्वे नहीं स्कॉटलैंड की टीम सुपर-6 में पहुंचती। ऐसे में सवाल उठने लाजिमी हैं कि पाकिस्तान ने ऐसा क्यों किया?

 

यह भी पढ़ें: साउथ अफ्रीका के टी20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड में फेरबदल, स्टब्स-रिकलटन की हुई एंट्री

पाकिस्तान को मिला यह फायदा

दरअसल, पाक टीम ने टूर्नामेंट के नियमों का फायदा उठाने के लिए यह चाल चली। अंडर-19 वर्ल्ड कप के फॉर्मेट के अनुसार ग्रुप स्टेज के पॉइंट्स और नेट रन रेट दोनों कैरी फॉरवर्ड होते हैं। इसमें पेंच यह है कि सुपर-6 में क्वालिफाई करने वाली टीमों के बीच खेले गए मैचों के ही पॉइंट्स और नेट रन रेट कैरी फॉरवर्ड होते हैं।

 

पाकिस्तान ने स्कॉटलैंड को 6.5 ओवर बाकी रहते हराया था। अगर वह जिम्बाब्वे के खिलाफ 25.2 ओवर से पहले जीत जाता तो स्कॉटलैंड क्वालिफाई करता और उसे स्कॉटलैंड वाले मैच का नेट रन रेट कैरी करना पड़ता। पाकिस्तान के लिए जिम्बाब्वे का सुपर-6 में पहुंचना ज्यादा फायदेमंद था, क्योंकि उसके पास बड़े अंतर से जीतने का मौका था। इसीलिए पाक टीम ने धीमा रन चेज किया। उसने पहले जिम्बाब्वे का क्वालिफिकेशन पक्का किया और फिर जीत दर्ज कर अपना नेट रन रेट बेहतर कर लिया।

ICC करेगा कार्रवाई?

पाकिस्तानी टीम के धीमे रन चेज को जानबूझकर किया गया हरकत माना जाता है तो उस पर कार्रवाई हो सकती है। ICC का नियम 2.11 कहता है, 'इंटरनेशनल मैच में अनुचित रणनीतिक या टैक्टिकल कारणों से किसी भी तरह का मैनिपुलेशन कोड ऑफ कंडक्ट के लेवल 2 का उल्लंघन है।' हालांकि पाकिस्तान ने रन चेज में जानबूझकर धीमी बल्लेबाजी की लेकिन इसे साबित करना मुश्किल है।