ICC टी20 वर्ल्ड कप 2026 में इटली की टीम अपना पहला मैच कल (9 फरवरी) स्कॉटलैंड के खिलाफ खेलने उतरेगी। टी20 वर्ल्ड कप में पहली बार खेल रही इटली की टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जिनका जन्म दूसरे देशों में हुआ है। इसमें जसप्रीत सिंह का भी नाम शामिल है। दाएं हाथ के तेज गेंदबाज जसप्रीत का जन्म पंजाब के फगवाड़ा में हुआ था। हालांकि बाकी खिलाड़ियों की तरह वह दूसरे देशों से क्रिकेट खेलकर इटली नहीं आए हैं, बल्कि उनकी शुरुआती ट्रेनिंग भी इटली में ही हुई है।

 

जसप्रीत जब 10 साल के ही थे, तब उनके माता-पिता उन्हें लेकर इटली के शहर बर्गमो चले गए थे। इटली में उनके परिवार के लिए शुरुआती दिन आसान नहीं थे। उनके पिता तीरथ सिंह और मां जसवीर कौर को एक अनजान शहर में फैक्ट्री मजदूर के तौर पर काम करना पड़ा।

 

जसप्रीत कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डंस में स्कॉटलैंड के खिलाफ मैच से पहले अपनी जर्नी के बारे में बताते हैं, 'जब हमें इटली जाने का मौका मिला तो यह मेरे परिवार के लिए एक बड़ा दिन था लेकिन हम थोड़े चिंतित भी थे क्योंकि यह एक नया देश, नई भाषा और नई संस्कृति थी। सब कुछ हमारे लिए नया था। लेकिन मैं सोच रहा था कि क्रिकेट कैसे खेलूं जो मैं अपने शहर में बचपन में खेला करता था।'

 

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क्रिकेटर बनने के लिए चलाई टैक्सी

क्रिकेट के मामले में इटली जैसे देश में जाना मुश्किल था क्योंकि इस यूरोपीय देश में उतना बढ़िया इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं था। जसप्रीत कहते हैं, 'जब मैं बच्चा था तो भारत में क्रिकेट खेलता था और जब मैं इटली गया तो मैं वही करना चाहता था। लेकिन जब मैं इटली गया तो वहां क्रिकेट नहीं था, कोई ढंग के स्टेडियम या ग्राउंड नहीं थे, जैसे मैंने पंजाब में देखे थे।' 

 

जसप्रीत कुछ दिनों बाद स्थानीय बर्गमो क्रिकेट क्लब से जुड़ गए, जहां थोड़ी बहुत सुविधाएं थीं। क्रिकेट खेलने के साथ-साथ उन्होंने अपने पिता के काम में मदद करने के लिए दो साल का इलेक्ट्रीशियन का कोर्स भी पूरा किया। इस बीच जसप्रीत को जल्द ही स्थानीय गुरुद्वारे में मिले कुछ भारतीय प्रवासियों की मदद से अपने क्रिकेट स्किल को बेहतर बनाने का एक तरीका मिल गया। उन्हें टर्फ विकेट पर क्रिकेट खेलने के लिए इंग्लैंड जाने की सलाह मिली।

 

जसप्रीत सलाह पर अमल करते हुए इंग्लैंड के बर्मिंघम चले गए लेकिन उन्हें अपने खर्चों को पूरा करने के लिए उबर ड्राइवर के तौर पर काम करना पड़ा। बर्मिंघम एवं जिला प्रीमियर लीग में खेलने वाले जसप्रीत ने कहा, 'जब मुझे इसके बारे में पता चला तो मैं इंग्लैंड जाकर वहां खेलने लगा क्योंकि वहां टर्फ विकेट थे और खर्चों को पूरा करने के लिए मैंने उबर कार चलाना शुरू किया।'

 

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भारत में खेलने पर क्या बोले जसप्रीत?

इटली 2024 टी20 वर्ल्ड कप में भी क्वालिफिकेशन के काफी करीब पहुंच गया था लेकिन आयरलैंड से करीबी हार ने उसकी उम्मीदें खत्म कर दी। हालांकि टीम ने एक साल बाद जून 2025 में यूरोपीय रीजन क्वालिफायर में टॉप पर रहकर अपना सपना पूरा किया। 

 

जसप्रीत ने कहा, 'यह हमारे लिए गर्व की बात है। हम लंबे समय से क्वालिफाई करने की कोशिश कर रहे थे और हमारी टीम पिछले तीन सालों से बहुत कड़ी मेहनत कर रही है। हम भगवान के शुक्रगुजार हैं कि हम इस बार वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई कर पाए। हम सिर्फ वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने नहीं आए हैं, हम मुकाबला करने भी आए हैं।' 

 

जसप्रीत के लिए भारत आना सिर्फ अपनी मातृभूमि पर वापसी नहीं है बल्कि देश में वर्ल्ड लेवल की क्रिकेट सुविधाओं का अनुभव करने का भी एक मौका है। उन्होंने कहा, 'यह हमारे लिए एक अद्भुत एहसास है। मैं बचपन से इन मैदान को देखता आ रहा हूं। हमारे महान दिग्गज जैसे कपिल देव, सुनील गावस्कर, सचिन तेंदुलकर, महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली इन मैदान में खेले हैं। यहां आकर उस माहौल में खेलना... चिदंबरम स्टेडियम (अभ्यास मैच), ईडन गार्डंस , वानखेड़े। यह हम सभी के लिए एक सपने के सच होने जैसा है। हमें बहुत गर्व महसूस हो रहा है कि हम यहां तक पहुंचे हैं।'