भारतीय क्रिकेट टीम न्यूजीलैंड से वनडे सीरीज हार गई है। इंदौर में खेले गए तीसरे वनडे में न्यूजीलैंड ने भारत को 41 रन से हराकर 2-1 से सीरीज अपने नाम कर ली है। खास बात यह है कि यह भारत की जमीन पर यह उनकी पहली वनडे सीरीज जीत है। इस जीत के बाद अब टीम इंडिया पर सवाल उठने लगे हैं। विराट कोहली के शतक के बावजूद टीम का हार जाना चिंताजनक है। क्रिकेट फैंस से लेकर क्रिकेट एक्सपर्ट्स तक टीम की इस हार पर सवाल उठा रहे हैं। इसी क्रम में पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने खिलाड़ियों को विराट कोहली से सीख लेने की नसीहत दे डाली। 

 

न्यूजीलैंड की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट के नुकसान पर 337 रन का स्कोर खड़ा कर दिया था। डेरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स ने टीम के लिए शतकीय पारी खेली। खराब शुरुआत के बावजूद न्यूजीलैंड ने भारतीय टीम के सामने एक बड़ा टारगेट रखा था। टीम इंडिया की शुरुआत ही खराब हुई और मात्र 71 रनों पर टीम ने 4 विकेट गंवा दिए थे। विराट कोहली ने मोर्चा संभाला लेकिन उनकी सारी मेहनत बेकार चली गई। भारतीट टीम 296 रन ही बना पाई, जिसमें 124 रन अकेले विराट कोहली के थे। विराट कोहली ने 10 चौके और 3 छक्कों के साथ 108 गेंदों में 124 रन बनाए। 

 

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क्या बोले गावस्कर?

सुनील गावस्कर ने जियो स्टार के एक शो में विराट कोहली को टीम का सहयोग ना मिलने की बात कही। उन्होंने कहा,'जब तक विराट कोहली को टीम से सहयोग नहीं मिलेगा तह तक टीम के लिए हमेशा मुश्किलें रहेंगी और विराट कोहली को टीम से बहुत कम सहयोग मिला है।' सुनीव गावस्कर ने आगे कहा कि इस पूरी सीरीज में इंडिया की प्रॉब्लम यह रही कि टीम अच्छी शुरुआत नहीं कर पाई। आमतौर पर कहा जाता है कि अच्छी शुरुआत के साथ ही आधा काम तो हो जाा है लेकिन टीम इंडिया ऐसा नहीं कर पाई। 

 

उन्होंने आगे कहा, 'भारत की शुरुआत इस सीरीज में कभी अच्छी नहीं रही और यही उसकी हार के मुख्य कारणों में से एक है। टीम बड़े स्कोर का पीछा करने में सक्षम नहीं थी। भारतीय टीम के आधे बल्लेबाज 159 रन तक ही आउट हो गए थे, जिससे टीम की जीत की संभावना को बड़ा झटका लगा था।'

 

कोहली के बारे में क्या बोले?

सुनील गावस्कर ने विराट कोहली के शतक के बारे में बात करते हुए कहा, 'उनकी खासियत यह है कि वह किसी छवि से बंधे नहीं हैं। बहुत से बल्लेबाज और गेंदबाज अपनी छवि से बंधे होते हैं। उन्हें लगता है कि लोग उन्हें इसी रूप में देखते हैं, इसलिए उन्हें उसी छवि पर टिके रहना चाहिए। मुझे नहीं लगता कि विराट किसी छवि से बंधे हैं। वह अपने काम पर ध्यान केंद्रित करते हैं। उनका काम है रन बनाना, शुरुआत में संभलकर खेलना, फिर खुलकर खेलना, या शुरुआत में ही ताबड़तोड़ रन बनाना और फिर फील्ड के खुलने पर फिर एक-दो रन लेना। विराट किसी छवि से बंधे नहीं हैं और यही कारण है कि वह लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं।'

 

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युवा खिलाड़ियों को दी सलाह

सुनीव गावस्कर ने कहा कि विराट कोहली अपनी छवि के अनुसार नहीं खेलते। वह गेंद के हिसाब से खेलते हैं। सुनीव गावस्कर ने कहा कि लास्ट में विराट कोहली थोड़ा थका हुआ शॉट खेलने की कोशिश कर रहे थे और कई बार दस्ताने भीग जाने के कारण बल्ले पर पकड़ ढीली हो जाती है। सुनील गावस्कर ने कहा, 'मेरे लिए या किसी भी युवा खिलाड़ी के लिे सीखने वाली सबसे जरूरी बात यह है कि किसी छवि के अनुसार ना जिएं। हर स्थिति के अनुसार खेलें और इससे आप उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन करेंगे।'