आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में दूध में मिलावट की वजह से 16 लोगों की मृत्यु हो गई है। वहीं कुछ लोगों का अभी भी इलाज चल रहा है। इस इलाके में रहने वाले लोगों ने मिलावटी दूध पी लिया था, जिसके बाद लोगों को उल्टी, पेट खराब, पेट दर्द, पेशाब न होना जैसी दिक्कतें हुई थीं। मिलवावटी दूध पीने के कारण लोगों की किडनी खराब हो गई थी।

 

घटना के बाद अस्पताल में 20 लोगों को भर्ती करवाया गया जिसमें से 16 लोगों की मौत हो गई और बाकी का इलाज चल रहा है। राजामहेंद्रवरम अस्पताल ने प्रेस रिलीज जारी में यह जानकारी दी है। यह मामला 22 फरवरी को ही सामने आया था। जब राजामहेंद्रवरम के लालाचेरुवु इलाके में सप्लाई किए गए दूध के सेवन से लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी थी। फरवरी में ही पहली बार किडनी फेलियर के मामले सामने आए थे। जिसके बाद इसकी जांच शुरू की गई थी। लैब में टेस्ट किया गया और पता चला कि दूध में जहरीले पदार्थ मिलावट की गई थी।

 

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दूध पीकर किडनी खराब हुई

जांच में पाया गया कि जहरीला दूध पीने के बाद पीड़ितों की किडनी ने अचानक काम करना बंद कर दिया। इसके बाद लोगों के शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया और उनकी मृत्यु हो गई। 6 फरवरी से 21 मार्च के बीच कुल 20 लोग अस्पतालों में भर्ती हुए थे। इनमें से 16 लोगों की मौत हो चुकी हैं, 3 का अभी भी इलाज चल रहा है और 1 व्यक्ति ठीक होकर घर जा चुका है।

स्वास्थ्य विभाग ने क्या कहा?

इस घटना को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अहम जानकारी दी है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया है कि मिलावटी दूध पीने की वजह से बच्चे और बुजुर्ग भी पीड़ित हो गए। फिलहाल कुछ लोग वेंटिलेटर पर हैं, जिनका इलाज किया जा रहा है।

 

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पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लिया

पुलिस ने संदिग्ध दूध विक्रेता को हिरासत में ले लिया है और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 (अप्राकृतिक मृत्यु) के तहत मामला दर्ज किया गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने दूध, दही, घी और पनीर के नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेजे हैं।