बिहार के भागलपुर में गंगा नदी पर बना विक्रमशिला सेतु पुल ढहने की कगार पर है। पुल के सुरक्षा खंभे बुरी तरह टूट गए हैं। पुल के लगभग 5 खंभे टूट गए हैं, जिससे पुल की नींव पर दबाव बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। यह पुल बिहार के लोगों के लिए बेहद अहम है, क्योंकि यह पुल पूर्वी बिहार और दक्षिण बिहार को आपस में जोड़ता है।
विक्रमशिला सेतु पुल की स्थिति चिंताजनक है, लेकिन पुल निर्माण निगम ने अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया है। अगर यह पुल ध्वस्त हो जाता है, तो बिहार में रहने वाले लोगों के लिए चुनौती खड़ी हो सकती है। खासतौर से वाहन चालकों को समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इस पुल पर हमेशा गाड़ियों का आना-जाना लगा रहता है, जिससे पुल के टूटने का खतरा बढ़ रहा है। इस वजह से पथ निर्माण विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि भारी वाहनों को पुल पर न लाया जाए।
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सालों से पुल की मरम्मत नहीं हुई
इस पुल का उद्घाटन 2001 में राबड़ी देवी ने किया था। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक इस पुल पर हर दिन 25 हजार गाड़िया आती जाती हैं। इसके बावजूद 2016 के बाद से कोई मरम्मत नहीं की गई है। पुल की हालत देखकर कुछ इंजीनियरों का कहना है कि गंगा नदी के तेज बहाव और बड़े जहाजों साथ ही भारी नावों की आवाजाही के कारण पुल के खंभों पर लगातार दबाव बढ़ रहा था। इसी वजह से पुल के खंभे टूट गए हैं।
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पथ निर्माण विभाग ने जारी किया अलर्ट
पथ निर्माण विभाग और इंजीनियरों को इस स्थिति के बारे में अलर्ट कर दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक मरम्मत कार्य की योजना बनाई जा रही है, लेकिन पुल की मरम्मत के लिए अभी तक कोई काम शुरू नहीं किया गया है। वर्तमान में यह स्थिति यात्रियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। प्रशासन ने भारी वाहनों के चालकों को सावधानी बरतने और संभव हो तो पुल पर अत्यधिक भार वाले वाहन न लाने की सलाह दी है। कुल मिलाकर विक्रमशिला सेतु पुल के सुरक्षा खंभों का टूटना एक बड़ी तकनीकी खामी है, जिसे अगर समय रहते नहीं सुधारा गया, तो यह किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।