संजय सिंह, पटना: मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा NEET में पास कराने के नाम पर चल रहे एक बड़े खेल का खुलासा बिहार की नालंदा पुलिस ने किया है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने सॉल्वर गैंग के नेटवर्क को तोड़ते हुए चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले तीन मुख्य सरगना पकड़े जा चुके थे। अब तक कुल सात लोगों को जेल भेजा जा चुका है जबकि कई अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं।

 

पूरे मामले की शुरुआत एक सामान्य वाहन चेकिंग से हुई, जिसने एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश कर दिया। 2-3 मई की रात पावापुरी चौक पर पुलिस ने दो लग्जरी गाड़ियों को रोका। तलाशी के दौरान पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे और मौके से एमबीबीएस छात्र अवधेश कुमार समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। जब पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल खंगाले, तो एक संगठित सॉल्वर गैंग का पूरा नेटवर्क सामने आ गया।

 

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50-60 लाख में तय होती थी सफलता की कीमत

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह NEET परीक्षा पास कराने के लिए 50 से 60 लाख रुपये तक की डील करता था। अभ्यर्थियों से पहले ही 1.5 से 2 लाख रुपये एडवांस ले लिए जाते थे। इसके बाद परीक्षा के दिन उनकी जगह प्रशिक्षित ‘सॉल्वर’ यानी नकली परीक्षार्थी बैठाने की योजना बनाई जाती थी। हालांकि, इस बार मुख्य सरगनाओं की समय रहते गिरफ्तारी के कारण पूरा प्लान ध्वस्त हो गया और कई अभ्यर्थी परीक्षा में सॉल्वर नहीं बैठा सके।

चार और आरोपी गिरफ्तार

ताजा कार्रवाई में पुलिस ने मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मनोज कुमार, गौरव कुमार, सुभाष कुमार और हर्षराज शामिल हैं। ये सभी अपने स्थान पर सॉल्वर बैठाने के लिए गैंग से संपर्क में थे और एडवांस भुगतान भी कर चुके थे। राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह के अनुसार, मोबाइल डेटा और पूछताछ के आधार पर यह गिरफ्तारी संभव हो सकी। पुलिस ने औरंगाबाद, जमुई और मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में छापेमारी कर इन आरोपियों को पकड़ा।

 

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डॉक्टर बनने के सपने पर दाग

इस मामले ने एक बार फिर मेडिकल एंट्रेंस जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लाखों मेहनती छात्र जहां अपनी कड़ी मेहनत के दम पर सफलता पाने की कोशिश करते हैं, वहीं ऐसे गिरोह पैसे के दम पर सिस्टम को तोड़ने में लगे रहते हैं।

 

पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है। साथ ही इस मामले में नामजद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस कार्रवाई में गिरियक अंचल निरीक्षक सुमंत कुमार, पावापुरी थानाध्यक्ष गौरव कुमार सिंह समेत कई पुलिसकर्मी शामिल रहे।