जम्मू-कश्मीर के गंदरबल जिले में अमरनाथ यात्रा के रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। रजिस्ट्रेशन में अनियमितता के आरोपों के बीच चार शिक्षकों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए FIR दर्ज कराने की सिफारिश भी की गई है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा कि आखिर गड़बड़ी कैसे हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
यह कार्रवाई ट्रांजिट कैंप मनीगाम में अमरनाथ यात्रियों के रजिस्ट्रेशन के दौरान सामने आई अनियमितताओं के बाद की गई है। अधिकारियों के अनुसार, रजिस्ट्रेशन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच के दौरान कुछ ऐसे तथ्य मिले जिनसे प्रक्रिया पर सवाल खड़े हुए। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जिम्मेदार कर्मचारियों को निलंबित करने का फैसला लिया।
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नोडल अधिकारी की रिपोर्ट के बाद हुई कार्रवाई
आधिकारिक आदेश के अनुसार, गंदरबल के मुख्य शिक्षा अधिकारी (CEO) ने ट्रांजिट कैंप मनीगाम के नोडल अधिकारी और सहायक आयुक्त की सिफारिश पर बिलाल अहमद शेख, आबिद मोहिउद्दीन भट, पीर मुदस्सिर और गौहर राशिद कुल्लू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। आदेश में कहा गया है कि यह कदम जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने और मामले की गंभीरता को देखते हुए उठाया गया है।
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नोडल अधिकारी ने गंदरबल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को भेजे एक पत्र में बताया कि यात्रियों की असली संख्या और एक शिक्षक के नाम पर जारी किए गए फीस रजिस्ट्रेशन फॉर्म में दर्ज संख्या में बड़ा अंतर मिला है। शुरुआती जांच में इसे गंभीर गड़बड़ी माना गया है। अधिकारी ने यह भी कहा कि घटना वाले दिन रजिस्ट्रेशन सेंटर पर तीन अन्य शिक्षक भी मौजूद थे। ऐसे में उनकी भूमिका की भी जांच की जानी जरूरी है। फिलहाल जांच पूरी होने तक उन्हें संदेह के दायरे से बाहर नहीं रखा जा सकता।


