केरल के कोल्लम जिले के एक सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों पर एक परिवार ने आरोप लगाया है। आरोप के मुताबिक डॅाक्टरों के लापरवाही की वजह से एक लड़की की मौत हो गई। 2025  में एक 7 साल की लड़की को कुत्ते ने काट लिया था, जिससे उसे रेबीज संक्रमण हो गया। लड़की के परिवार वाले उसे सरकारी अस्पताल ले गए, उसके बाद उसे दूसरे अस्पताल ले गए, तब तक लड़की की मौत हो चुकी थी। घटना के बाद बच्ची के परिवार ने सरकारी डॉक्टरों के खिलाफ पुलिस थाने में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई। अब पीड़ित के परिजन ने मजिस्ट्रेट कोर्ट में डॉक्टरों के खिलाफ आरोप लगाए, जिसके आधार पर कोर्ट ने 4 डॉक्टरों पर कार्रवाई का आदेश दिया।

 

यह घटना मई 2025 की है, जहां पथानापुरम में रहने वाली निया को कुत्ते ने काटा था। इसके बाद लड़की को पहले पुनालुर के सरकारी तालुक अस्पताल ले जाया गया, उस समय डॉक्टर डॉ सुनील कुमार, डॉ देवी लक्ष्मी, डॉ अंजिता और डॉ जयसूर्या मौजूद थे जिन्होंने निया का इलाज किया। उसके बाद निया को तिरुवनंतपुरम के राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया। निया के परिवार का दावा है कि डॉक्टरों ने समय पर इलाज नहीं किया, जिसकी वजह से निया को अपनी जान गंवानी पड़ी।

 

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घर के बाहर निया पर कुत्ते ने किया हमला

पुलिस जांच के मुताबिक, मई 2025 में निया अपने घर के बाहर खेल रही थी। तभी एक कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया और बुरी तरह काट लिया। इसके बाद उसके परिजन उसे तालुक अस्पताल ले गए। पीड़ित के परिवार का दावा है कि अस्पताल के डॉक्टरों ने उसकी बिगड़ती हालत को देखते हुए तुरंत इलाज नहीं किया।

 

इसके अलावा, बच्ची को तिरुवनंतपुरम के मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया, जबकि परिवार का कहना है कि उसकी मौत तालुक अस्पताल में ही हो चुकी थी। जिसे देख पीड़ित परिवार को शक हुआ। इसी वजह से निया के परिवार ने डॉक्टरों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

 

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किन डॉक्टरों पर लगा लापरवाही का आरोप?

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक तालुक अस्पताल के 4 डॉक्टर डॉ सुनील कुमार, डॉ देवी लक्ष्मी, डॉ अंजिता और डॉ जयसूर्या के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जानकारी के अनुसार, दो दिन पहले कोर्ट ने इस मामले में जांच के आदेश दिए थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि जल्द ही इन चारों डॉक्टरों से पूछताछ की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पीड़ित परिवार के आरोप सही हैं या गलत।