उत्तर प्रदेश की सियासत स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मामले से गरमाई है। एक तरफ जहां सपा मुखिया अखिलेश यादव यूपी सरकार को घेरने में जुटे हैं तो वहीं दूसरी तरफ स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के मोर्चा खोलने वाले आशुतोष महाराज ने बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि यूपी के एक डिप्टी सीएम ने ही स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को धरने की खातिर भड़काया था। हालांकि आशुतोष महाराज ने अभी तक नाम का खुलासा नहीं किया है। उनका कहना है कि जल्द ही नाम का खुलासा कर दिया जाएगा।

 

मीडिया से बातचीत में आशुतोष महाराज ने कहा, 'डिप्टी सीएम प्रदर्शन करने और उनकी कॉल डिटेल की जांच व इंटरनेट की बातों में साफ-साफ दिख रहा है कि उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद को कहा कि आप धरने पर बैठो। जब मैं आऊंगा, तब ही पानी पीना और धरना समाप्त करना। कुर्सी हथियाने के लिए यह सब चाल है।' पत्रकारों ने जब उनसे पूछा कि कौन डिप्टी सीएम है तो जवाब में उन्होंने कहा कि नाम जल्द ही सामने आएगा।    

 

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हाल ही में कोर्ट के आदेश पर प्रयागराज पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद ब्रह्मचारी समेत 2-3 अज्ञात लोगों के खिलाफ पोक्सो एक्ट में मामला दर्ज किया है। उधर, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मामले को झूठा बताया और पुलिस से तेज गति से जांच करने की मांग की। 

 

 

 

माघ मेले से यूपी की सियासत के केंद्र में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद 

इसी साल जनवरी महीने में प्रयागराज में आयोजित माघ मेले से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के बीच तल्खी बनी हुई है। 18 जनवरी को मौनी अमावस्या पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पालकी से गंगा स्नान करने जा रहे थे। तभी अव्यवस्था का हवाला देकर पुलिस ने उनको रोक दिया था। इसके बाद वह करीब 11 दिनों तक प्रयागराज में ही धरने पर बैठे रहे। यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में उनकी शंकाराचार्य की उपाधि पर सवाल उठाया। जवाब में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने भी योगी आदित्यनाथ पर निजी हमला किया।

 

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डिप्टी सीएम का एंगल भी समझिए

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने जहां स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के विरुद्ध सख्त रुख अपना रखा है। वहीं दोनों डिप्टी सीएम का रुख नरम रहा। इससे जनमानस में गुटबाजी का संदेश गया। प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के धरने के वक्त डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने एक बयान में कहा था 'हम पूज्य शंकराचार्य जी के चरणों में नतमस्तक होते हैं। हम उनसे स्नान करने की अपील करते हैं। पूज्य संतों का अपमान करने वालों की जांच की जाएगी और उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। तब तक शंकराचार्य जी अपना विरोध खत्म कर मामले को यहीं खत्म करें।'

 

 डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बटुकों की शिखा पकड़ने को पाप बताया था। अपने आवास पर 101 बटुकों का सम्मान किया। ब्रजेश पाठक की इस पहल को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सीएम योगी आदित्यनाथ के गाल पर 'तमाचा' बताया था।