हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में बुधवार को भीषण आग लग गई। इस हादसे में जल जाने की वजह से 6 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच से यह माना जा रहा एक घर के चूल्हे से भीषण आग की शुरुआत हुई। इस इलाके में यह पहली घटना नहीं है जिसमें लोगों की मौत हुई हो। इससे पहले 10 जनवरी को सिरमौर में बस दुर्घटना में 14 लोगों की मौत हो गई थी।

 

एसडीएम ने बताया कि तलांगना गांव मुख्य सड़क से काफी दूर और दुर्गम क्षेत्र में स्थित है। जब गांव के लोगों ने आग देखी और उसे बुझाने की कोशिश की,  तब तक आग ने भारी नुकसान कर दिया था। देर तक मदद न पहुंच पाने के कारण 6 लोगों की जान चली गई।

 

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कैसे लगी भीषण आग?

जिला प्रशासन की शुरुआती जांच में यह आशंका जताई गई है कि आग घर के चूल्हे से लगी। गांव ऊंचाई पर स्थित है और वहां सड़क सुविधा नहीं है, जिस कारण राहत और बचाव कार्य में देरी हुई। इसी देरी के कारण लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। इस हादसे में मकान मालिक, उनकी विवाहित बेटी और दामाद की भी मौत हो गई। बेटी और दामाद बोडा त्योहार मनाने अपने मायके आए हुए थे।

बोडा त्योहार कौन मनाता है?

बोडा त्योहार सिरमौर जिले के हट्टी समुदाय का सबसे बड़ा त्योहार है। इसे सिरमौर के करीब तीन लाख लोग मनाते हैं। इस अवसर पर विवाहित बेटियां अपने मायके आती हैं। त्योहार के कारण गांव में खुशी का माहौल था लेकिन आग की इस घटना ने खुशियों को गहरे शोक में बदल दिया।

 

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कांग्रेस नेता ने जताया शोक

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि पीड़ित परिवारों को तुरंत राहत और सहायता प्रदान की जाए, ताकि उन्हें जल्द से जल्द मदद मिल सके।

एक ही सप्ताह में दो बड़े हादसे

सिरमौर जिले में एक ही सप्ताह के भीतर दो बड़े हादसे सामने आए हैं। तलांगना गांव में आग की घटना से पहले सिरमौर के राष्ट्रीय राजमार्ग पर चंडीगढ़ से देहरादून जा रही एक बस पेड़ से टकरा गई थी, जिसमें 14 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी।