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चुनाव खत्म, ड्रामा खत्म? तेज प्रताप के घर दही-चूड़ा कार्यक्रम में पहुंचे लालू

साढ़े सात महीने पहले लालू यादव ने जिन तेज प्रताप को अपने परिवार से बेदखल कर दिया था, आज उन्हीं के दही-चूड़ा कार्यक्रम में शरीक होने पहुंच गए हैं।

lalu yadav attends tej pratap dahi chuda programme

लालू यादव और तेज प्रताप यादव, Photo Credit: PTI

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बिहार के चुनाव नतीजों से बाद से ही राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लगभग गायब से नजर आ रहे थे। सत्ताधारी गठबंधन ने तो उन्हें 'लापता' बताने वाले पोस्टर तक जारी कर दिए थे। अब अलग पार्टी बना चुके और परिवार से निकाले जा चुके तेज प्रताप यादव इस खाली जगह को भरते दिख रहे हैं। लंबे समय से दही-चूड़ा कार्यक्रम करते आ रहे लालू यादव की बजाय इस बार तेज प्रताप यादव ने ऐसा कार्यक्रम रखा है। रोचक बात है कि जिस लालू यादव ने तेज प्रताप को घर और पार्टी से निकाला था, उन्हें भी इस कार्यक्रम का न्योता दिया गया। इस कार्यक्रम में लालू यादव के पहुंचने से बिहार की राजनीति में खलबली मच गई है। सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि चुनाव से समय तेज प्रताप को निकालना सिर्फ सियासी ड्रामा था और अब चुनाव खत्म होने के बाद सब साथ आ रहे हैं।

 

तेज प्रताप यादव ने मंगलवार को ही अपने माता-पिता के घर जाकर लालू यादव, राबड़ी देवी और भाई तेजस्वी यादव को इस दही चूड़ा कार्यक्रम का न्योता दिया था। तेज प्रताप ने इसकी तस्वीरें भी शेयर की थीं जिनमें वह अपनी भतीजी को भी खिलाते दिखे थे। जिस तरह के रिश्ते तेज प्रताप और उनके परिवार के बीच चल रहे थे, उससे उम्मीद नहीं जताई जा रही थी कि लालू या तेजस्वी इस कार्यक्रम में जाएंगे। हालांकि, लालू यादव ने इस कार्यक्रम में पहुंचकर हर किसी को हैरान कर दिया और इसे लेकर अब तरह-तरह के कयास भी लगाए जाने लगे हैं।

 

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राज्यपाल के साथ बैठे लालू यादव

 

इस कार्यक्रम में पहुंचे लालू यादव बिहार के राज्यपाल मोहम्मद आरिफ खान के साथ बैठे दिखे। इस दौरान तेज प्रताप यादव उनसे बातचीत भी करते दिखे। इससे पहले तेज प्रताप ने बिहार सरकार के तमाम मंत्रियों और राज्यपाल समेत लगभग सभी बड़ी राजनीतिक हस्तियों को इस कार्यक्रम का न्योता दिया था। अब राष्ट्रीय जनता दल से निकाले जा चुके तेज प्रताप जनशक्ति जनता दल के मुखिया हैं और इसी के टिकट पर वह महुआ से विधानसभा का चुनाव भी लड़े थे। हालांकि, इस चुनाव में तेज प्रताप को जीत नहीं मिली थी।

 

इस कार्यक्रम के बहाने लालू परिवार पर तंज कसते हुए जनता दल (यूनाइटेड) के नेता नीरज कुमार ने कहा, 'दही-चूड़ा कार्यक्रम के केंद्र बिंदु में लालू जी रहे हैं। अब वह बीमार हो गए तो उत्तराधिकारी कौन रहेगा, इसकी जंग चल रही है। तेज प्रताप यादव उत्तराधिकारी के रूप में आए हैं। उन्होंने तेजस्वी को एहसास कराया है कि अगर आप नहीं करिएगा तो हम करने को तैयार हैं। यह भी कहा कि राघोपुर से दही आ रहा है। माननीय उपमुख्यमंत्री के कार्यक्रम में भी तेज प्रताप गए। अपने मामा साधु यादव के यहां भी गए, जिन लोगों से इनके परिजन की बातचीत भी शायद नहीं होती है। तेज प्रताप ने ऐसा पांसा फेंका है कि किसी को कुछ पता ही नहीं चल रहा है।'

 

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तेज प्रताप के साथ हुआ क्या था?

 

दरअसल, पिछले साल मई के महीने में एक दिन तेज प्रताप यादव के सोशल मीडिया हैंडल से कुछ तस्वीरें शेयर हुईं जिसमें वह अनुष्का यादव नाम की एक महिला के साथ दिखे। यह हैरान करने वाला इसलिए था क्योंकि तेज प्रताप और उनकी पत्नी ऐश्वर्या का तलाक अभी प्रक्रिया में ही है। कुछ ही देर में यह पोस्ट डिलीट हुई, दोबारा पोस्ट हुई और फिर से डिलीट कर दी गई। पहले तो तेज प्रताप ने इसे खुद को बदनाम करने की साजिश बताया लेकिन बाद में डिफेंसिव भी दिखे। हालांकि, इसी को लेकर लालू प्रसाद यादव के X हैंडल से एक पोस्ट की गई और उन्हें RJD के साथ-साथ परिवार से भी निकाल दिया गया। 

 

इसके बाद तेज प्रताप यादव ने एलान किया कि वह अपना चुनाव अपनी पुरानी विधानसभा महुआ से लडे़ंगे। कुछ ही दिनों में वह नई पार्टी जनशक्ति जनता दल के बैनर तले दिखने लगे। उन्होंने न सिर्फ खुद चुनाव लड़ा बल्कि कई सीटों पर उम्मीदवार भी उतारे। जब उनके खिलाफ आरजेडी ने भी महुआ से उम्मीदवार उतार दिया तो तेज प्रताप ने तेजस्वी की विधानसभा राघोपुर में भी अपना उम्मीदवार उतारा और वहां प्रचार करने गए।

 

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अक्सर इंटरव्यूज में वह शिकायत करते कि कुछ लोगों की साजिश के तहत उन्हें पार्टी से निकाला गया। बिना किसी का नाम लिए वह ऐसे लोगों को 'जयचंद' कहते थे। महुआ से पर्चा भरने गए तो दादा और दादी की तस्वीर लेकर गए। हालांकि, इस चुनाव में उन्हें हार मिली। हार के बावजूद तेज प्रताप सक्रिय रहे। एक बार लैंड फॉर जॉब स्कैम केस की सुनवाई के दौरान वह अपने परिवार के लोगों के साथ दिखे। मंगलवार को तेज प्रताप ने सबको तब चौंका दिया जब वह लालू, राबड़ी और तेजस्वी को न्योता देने गए और इसकी तस्वीर भी शेयर कर दी। 

 

ड्रामा क्यों बता रहे लोग?

 

अब कई सोशल मीडिया यूजर्स लिख रहे हैं कि यह सब पहले से तय था। तेज प्रताप की पत्नी ने भी अनुष्का यादव वाला मामला सामने आने पर यही कहा था कि यह सब ड्रामा है और चुनाव के बाद पूरा परिवार एक हो जाएगा। अब लोगों की यह बात सच भी होती दिख रही है क्योंकि चुनाव नतीजे आने के 3 महीने बाद ही तेज प्रताप यादव अपने परिवार के लोगों से मिलते दिखने लगे हैं। इससे पहले चुनाव के समय देखा गया था कि एयरपोर्ट पर तेजस्वी और तेज प्रताप आमने-सामने आए लेकिन दोनों ने एक-दूसरे से बात तक नहीं की थी।

 

तेज प्रताप ने एक बार शिकायती अंदाज में कहा था, 'मुझे मेरी मां और पिता से भी नहीं मिलने दिया जाता।' जब तेजस्वी यादव दूसरी बार पिता बने थे तब भी तेज प्रताप यादव ने अपने भतीजे को दूर से ही आशीर्वाद दे दिया था और मिलने तक नहीं जा पाए थे। ऐसे में अब इस तरह से हो रहे मेल-मिलाप को ड्रामा करार दिया जा रहा है।

 

 


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