हरियाणा के फरीदाबाद की नीमका जेल में बंद आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या कर दी गई है। हत्या का आरोप जेल में ही बंद कैदी अरुण चौधरी पर लगाया गया है। अरुण को कुछ ही दिन पहले नीमका जेल शिफ्ट किया गया था। सूचना के मुताबिक अब्दुल पर किसी नुकीली चीज से हमला किया गया। सूचना मिलते ही जेल अधिकारी मौके पर पहुंच गए और मामले की जांच शुरू कर दी। अब्दुल की लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सूचना के मुताबिक हत्या देर रात की गई।

 

20 वर्षीय अब्दुल रहमान को 2 मार्च 2025 को पाली गांव के निकट दो हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया गया था। कहा जा रहा है कि वह अयोध्या पर हमले की साजिश रच रहा था। जांच से पता चला कि वह अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (एक्यूआईएस) के कुख्यात आतंकी अबू सूफियान के संपर्क में था। गुजरात एटीएस, आईबी और हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने मिलकर 19 वर्षीय अब्दुल को पकड़ा था। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से दो लाइव ग्रेनेड बरामद हुए, जिन्हें बम निरोधक टीम ने डिफ्यूज किया।

 

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मिल्कीपुर का रहने वाला था

अब्दुल उत्तर प्रदेश के मिल्कीपुर का निवासी था। उसके पास राम मंदिर से संबंधित कुछ वीडियो भी मिले थे। जांच में खुलासा हुआ कि वह करीब डेढ़ साल से सोशल मीडिया पर उकसाने वाले वीडियो पोस्ट कर रहा था। शुरुआत में उसने टिकटॉक पर अकाउंट बनाकर ऐसे वीडियो अपलोड किए।

 

टिकटॉक पर प्रतिबंध लगने के बाद उसने इंस्टाग्राम पर स्विच किया। वहां भी उसने भड़काऊ वीडियो और भाषण शेयर किए, जिससे कई बार उसके अकाउंट पर स्ट्राइक लगे। इन वीडियो से प्रभावित होकर अबू सूफियान ने उस पर ध्यान दिया और एक्यूआईएस ने उसे ऑनलाइन ब्रेनवॉश कर आतंकवाद की ट्रेनिंग दी।

सोशल मीडिया से नजर में आया

सोशल मीडिया गतिविधियों के कारण अब्दुल जांच एजेंसियों की नजर में आ गया। हरियाणा एसटीएफ, गुजरात एसटीएफ और यूपी एसटीएफ ने उसकी ट्रैकिंग शुरू की। अबू सूफियान के हैंडलर ने फरीदाबाद में दो ग्रेनेड और डेटोनेटर एक गड्ढे में छिपाए थे। उसे 4 अप्रैल को अयोध्या जाने का आदेश मिला था, लेकिन 2 मार्च को ही गुजरात एटीएस और हरियाणा एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

 

अब्दुल के खिलाफ डबुआ थाने में आर्म्स एक्ट की धारा 25(1)(ए), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 4(ए), 4(बी), 5 और अन्य संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज हुई। गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से 10 दिन का रिमांड मिला। रिमांड के दौरान गुजरात एटीएस उसे अपने साथ ले गई और आगे की जांच की।

कौन है आरोपी अरुण चौधरी?

अरुण चौधरी जम्मू जिले के आरएस पुरा सेक्टर के खौर देओनियन गांव का निवासी है। वह दिसंबर 2023 में संबा के अक्षय शर्मा हत्याकांड से सुर्खियों में आया था। 2023 में पंजाब में एक मुठभेड़ के बाद उसे गिरफ्तार किया गया और कठुआ जेल में रखा गया।

 

अरुण पर हत्या और फिरौती मांगने के कई मामले दर्ज हैं। 2024 में उसने इंस्टाग्राम लाइव पर कठुआ जेल प्रशासन पर रिश्वत लेने के आरोप लगाए थे, जिसमें फोन और अन्य सुविधाएं देने के बदले दो लाख रुपये लेने की बात कही गई थी।

 

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अक्टूबर 2024 में उसे कठुआ जेल से नीमका जेल में ट्रांसफर किया गया। दोनों कैदियों को हाई सिक्योरिटी सेल में रखा गया था। जेल सूत्रों के मुताबिक, देर रात इसी सेल में अरुण ने तेज वस्तु से अब्दुल पर हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई।