महाराष्ट्र के पुणे जिले के बारामती में हुए विमान हादसे से जुड़ी एक अहम जानकारी सामने आई है। हादसे से ठीक 10 मिनट पहले, सुबह 8:37 बजे, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार ने पार्टी के एक नेता श्रीजीत पाटिल से फोन पर बातचीत की थी। यह कॉल हादसे से पहले उनकी आख़िरी बातचीत मानी जा रही है। यह बातचीत पूरी तरह राजनीतिक और संगठनात्मक थी। फोन पर जिला परिषद चुनाव से जुड़े उम्मीदवारों और प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी।
श्रीजीत ने दावा किया है कि उन्होंने कुछ उम्मीदवारों के चयन को लेकर अजित पवार को मैसेज किया था। जिसके बाद एनसीपी प्रमुख ने उन्हें फोन करके जवाब दिया। श्रीजीत ने कहा, 'मैंने उन्हें तब मैसेज किया जब वह विमान में थे और मुझे लगता है कि जब उनके फोन में नेटवर्क आया, तो उन्होंने दुर्घटना से ठीक 10 मिनट पहले मुझे फोन करके अपने फैसले के बारे में बताया।'
श्रीजीत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके उस कॉल की रिकॉर्डिंग भी सुनाई है। इस रिकॉर्डिंग में सुना जा सकता है कि दोनों मराठी में बात कर रहे हैं और यह बातचीत चुनाव और पार्टी के बारे में हो रही है।
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क्या हुआ हादसे के वक्त?
अजित पवार एक चार्टर्ड विमान से बारामती जा रहे थे। लैंडिंग के दौरान विमान रनवे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में विमान में सवार सभी लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद प्रशासन और विमानन एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। खराब दृश्यता और तकनीकी कारणों की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
आखिरी कॉल अहम क्यों है?
जांच एजेंसियों के लिए यह कॉल अहम मानी जा रही है क्योंकि इससे यह संकेत मिलता है कि उड़ान से ठीक पहले हालात सामान्य थे। कॉल का समय और विषय दोनों ही यह बताते हैं कि किसी आपात स्थिति की जानकारी पहले से नहीं थी। कई नेताओं ने इसे अपूरणीय क्षति बताया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अजित पवार आख़िरी समय तक संगठनात्मक कामकाज में सक्रिय थे।
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अब आगे क्या होगा?
नागरिक उड्डयन मंत्रालय और विमानन सुरक्षा एजेंसियां हादसे की विस्तृत जांच कर रही हैं। फ्लाइट डेटा, पायलट की बातचीत और मौसम से जुड़ी रिपोर्ट्स की भी समीक्षा की जा रही है। अजित पवार का अंतिम संस्कार 29 जनवरी को महाराष्ट्र के बारामती मे विद्या प्रतिष्ठान कॉलेज परिसर में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समर्थक और राजनीतिक नेता शामिल हुए।
