कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के व्हाइटफील्ड साइबर पुलिस स्टेशन ने एक एक आईटी कंपनी के एक सीनियर कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उस कर्मचारी पर आरोप है कि उसने कंपनी का सॉफ्टवेयर सोर्स कोड चुराया है। बताया जा रहा है कि इस सॉफ्टवेयर सोर्स कोड की कीमत करीब 87 करोड़ भारतीय रुपये है।
उस कर्मचारी पर आरोप है कि वह अपने व्यक्तिगत ई-मेल पर यह सोर्स कोड बिना कंपनी से आधिकारिक अनुमति लिए ट्रांसफर कर रहा था। इस संबंध में पुलिस ने अब आरोप कर्मचारी को एक नोटिस भी जारी कर दिया है। कंपनी की शिकायत पर पुलिस अब इस मामले की जांच में जुट गई है। सोशल मीडिया पर भी अब यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
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सीनियर मैनेजर के तौर पर काम करता था
पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान आशुतोष निगम के रूप में हुई है और वह कंपनी में सीनियर मैनेजर की पोस्ट पर काम कर रहा था। वह कंपनी के साथ 1 फरवरी 2020 से काम कर रहा था। उसने कथित तौर पर 11 अक्टूबर 2025 को कंपनी की अनुमति के बिना सोर्स कोड और अन्य डेटा को चुराया।
कैसे हुआ खुलासा?
इस मामले का खुलासा कंपनी के आंतरिक ऑडिट में हुआ। कंपनी को संदेह हुआ कि बिना अनुमति के डेटा ट्रांसफर हुआ है। इसके बाद आशुतोष पर जांच कमेटी बैठाई गई और उससे पूछताछ की गई। कंपनी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कर्मचारी के खिलाफ पूरी जांच की और डेटा चोरी के सबूत इकट्ठा किए। पुलिस ने बताया कि कंपनी ने इस पूछताछ का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया था। इसके बाद कंपनी ने 3 दिसंबरर 2025 को उस कर्चारी को नौकरी से निकाल दिया था।
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जांच में जुटी पुलिस
कंपनी की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि इस संबंध में कंपनी और आरोपी दोनों को नोटिस जारी कर सबूत पेश करने के लिए कहा गया है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह कंफर्म है कि आरोपी कर्मचारी ने डेटा चोरी किया है लेकिन इससे होने वाले नुकसान का अंदाजा अभी नहीं लगाया गया है।
