आंध्र प्रदेश में एक सियासी घटनाक्रम के बाद राज्य में हिंसा जैसे हालात पैदा हो गए। दरअसल, रविवार को कृष्णा जिले के इब्राहिमपटनम में वाईएसआरसीपी (YSRCP) के नेता और पूर्व मंत्री जोगी रमेश के घर पर पत्थरबाजी और आगजनी की खबर आई। यह घटना उनके एक बयान के बाद हुई। आरोप है कि तेलुगु देशम पार्टी के मंत्री एन लोकेश के बारे में जोगी रमेश ने टिप्पणी की थी, जिसके बाद टीडीपी कार्यकर्ताओं ने हिंसा की।

 

खबर के मुताबिक, जब जोगी रमेश के घर में आगजनी की गई, उस समय घर में रमेश की पत्नी और पिता मौजूद थे। गनीमत रही कि वहां मौजूद पुलिस ने सभी को सुरक्षित बचा लिया। रमेश के बयान से नाराज टीडीपी के कार्यकर्ताओं ने इब्राहिमपटनम में जोगी रमेश के घर को घेर लिया था। पूरे इलाके में अशांति फैल गई, जिसको देखते हुए भारी पुलिसबल को तैनात किया गया।

 

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अंबाती रामबाबू पर हमला क्यों?

बता दें कि इससे पहले यह हमला YSRCP के एक और नेता और पूर्व मंत्री अंबाती रामबाबू के उस बयान के बाद हुआ, जिसमें रामबाबू ने तिरुपति लड्डू विवाद पर एक बयान दिया था। टीडीपी के कार्यकर्ताओं ने रामबाबू के बयान को मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के लिए अपमानजनक बताया। इसी बयान के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया है। खबर है कि रामबाबू के घर में भी तोड़फोड़ की गई है। इन घटनाओं के बाद आंध्र प्रदेश की दोनों पार्टियां आमने-सामने आ गई हैं।

 

 

 

वाईएसआरसीपी का जवाब

घटना की निंदा करते हुए वाईएसआरसीपी ने इन हमलों को घिनौना और शर्मनाक बताया है। पार्टी के सीनियर नेता भुमना करुणाकर रेड्डी ने आरोप लगाया कि भीड़ ने जोगी रमेश के घर पर गुस्से वाले सांडों की तरह धावा बोल दिया, ताकि उन्हें जान से मार सकें, जबकि रमेश अपने बयान को लेकर सफाई दे चुके हैं।

 

वहीं, वाईएसआरसीपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कार्तिक येल्लाप्रगड़ा ने कहा, 'हम अपने वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अंबाती रामबाबू पर बेरहमी से हत्या की कोशिश की कड़ी निंदा करते हैं। हमने चौंकाने वाले विजुअल्स देखे जहां अंबाती को गिरफ्तार किया जा रहा है, जबकि उनके घर में तोड़फोड़ की जा रही है और उसे जलाया जा रहा है। यह जनता के सामने और राज्य सरकार की नाक के नीचे हो रहा है। यह हिंसा का कोई अचानक किया गया काम नहीं है। यह टीडीपी की पूरी सहमति और निर्देश से हुआ है।

 

 

 

 

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पूर्व मुख्यमंत्री ने क्या कहा?

इस बीच, वाईएसआरसीपी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि ये घटनाएं आंध्र प्रदेश में कानून-व्यवस्था की खराब हो रही स्थिती को दिखाती हैं। उन्होंने चंद्रबाबू नायडू बाबू सरकार पर विरोध को दबाने के लिए पुलिस मशीनरी का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और मौजूदा हालात को जंगल राज बताया।