देश की राजधानी दिल्ली में साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। दिल्ली में साइबर ठगों ने एक महिला चार्टर्ड अकाउंटेंट को अपना शिकार बनाया। ठगों ने बैंक अधिकारी बन कर महिला से हजारों रुपये की ठगी कर डाली। बैंक अधिकारी बनकर ठगों ने महिला को फोन किया और झांसा दिया कि वे उनके क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ा सकते हैं।
महिला उनके झांसे में आ गई। उन लोगों ने व्हाट्सएप पर एक 'APK फाइल' भेजी और उसे इंस्टॉल करने को कहा। जैसे ही महिला ने वह फाइल डाउनलोड की, उनका फोन हैक हो गया और उनके कोटक महिंद्रा बैंक के क्रेडिट कार्ड से 75,694 रुपये की ऑनलाइन खरीदारी कर ली गई।
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ठगों का तरीका
जांच में पता चला है कि इस गिरोह के कुछ सदस्य पहले क्रेडिट कार्ड कंपनियों में काम कर चुके थे जिसकी वजह से उनके पास ग्राहकों का डेटा पहले से मौजूद था। उन्होंने इसी डेटा का गलत इस्तेमाल किया और बैंक के नाम पर एक फर्जी मोबाइल ऐप (APK फाइल) तैयार किया। ये लोग फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल कर लोगों को कॉल करते थे और "लिमिट बढ़ाने" या "कार्ड अपडेट" करने का लालच देकर उन्हें फंसाते थे।
जैसे ही कोई उस फाइल को इंस्टॉल करता, ठगों को उसके फोन और कार्ड की पूरी जानकारी मिल जाती थी। इस मामले में, ठगों ने ऑनलाइन डिलीवरी ऐप से इलेक्ट्रॉनिक सामान ऑर्डर किए और उनकी डिलीवरी फरीदाबाद में ली। बाद में वे इन सामानों को ऑनलाइन साइट्स पर बेचकर पैसे कमाते थे।
पुलिस की कार्रवाई
4 फरवरी को रिपोर्ट दर्ज होने के बाद, साइबर पुलिस ने तकनीकी जांच और लोकेशन ट्रेसिंग के जरिए फरीदाबाद के सूरजकुंड इलाके में छापा मारा। पुलिस ने इस गिरोह के चार सदस्यों, अभिषेक कुमार झा, आशीष कुमार ओझा, विवेक कुमार और इकरार को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से चार मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं। पुलिस अब इस मामले में आगे की जांच कर रही है कि इन लोगों ने और कितनो को अपना शिकार बनाया है।
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कुछ बातों का रखे ध्यान
व्हाट्सएप या किसी अन्य चैट ऐप पर किसी के भी द्वारा भेजी गई APK फाइल या लिंक को कभी डाउनलोड न करें। किसी भी अनजान फाइल से बचें। आपको इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि बैंक कभी भी व्हाट्सएप नहीं करता। खासकर कोई बैंक व्हाट्सएप पर क्रेडिट कार्ड की लिमिट नहीं बढ़ाता।
साथ ही अगर कोई बैंक अधिकारी बनकर कॉल करे, तो उसे अपनी निजी जानकारी या OTP न दें। हमेशा बैंक की आधिकारिक हेल्पलाइन या ब्रांच में जाकर ही बात करें।
