उत्तराखंड के कोटद्वार के रहने वाले दीपक इन दिनों चर्चा में हैं और वह अभ काफी मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। वह कोटद्वार में ही एक जिम चलाते हैं लेकिन कुछ दिन पहले बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ हुए उनके विवाद के बाद अब उनकी जिम में बहुत कम लोग आते हैं। दीपक ने एक मुस्लिम दुकानदार का समर्थन किया था और उसके बाद अब उन्हें बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, दीपक ने बताया कि जिम में करीब 150 लोग आते थे लेकिन अब यह संख्या घटकर सिर्फ 12 से 15 रह गई है।
दीपक ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि वह एक जिम चलाते हैं। जिम चलाने के लिए उन्होंने किराए पर इमारत ली है और उनकी जिम हाल में हुए विवाद से पहले बढ़िया चल रही थी। उनका कहना है कि उनकी जिम में सुबह से शाम तर लोग वर्कआउट करने के लिए आते थे लेकिन 26 जनवरी को हुई घटना के बाद माहौल बदल गया है।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद 26 जनवरी से शुरू होता है। 26 जनवरी के दिन कुछ लोग 70 साल के बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार की दुकान पर हंगामा कर रहे थे। हंगामा कर रहे लोग मुस्लिम दुकानदार से उसकी दुकान के सामने लगा 'बाबा' शब्द हटाने के लि कह रहे थे। इस दौरान दीपक कुमार भी वहां पहुंच गए और दुकानदार का साथ देने लगे। इस दौरान जब भीड़ ने उनसे ना पूछा तो उन्होंने खुद को मोहम्मद दीपक बताया। इस पूरी घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा। सोशल मीडिया पर तो लोगों ने दीपक के साहस की तारीफ की लेकिन इस घटना के बाद उनकी मुश्किलें बढ़ गई।
दीपक के खिलाफ बजरंग दल
इस घटना के बाद दीपक के खिलाफ बजरंग दल के कार्यकर्ता मैदान में उतर आए। 31 जनवरी को बजरंग दल के कई कार्यकर्ता दीपक के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए इकट्ठा हुए। हालांकि, 31 जनवरी को तो पुलिस ने सब कुछ संभाल लिया था लेकिन इस घटना के बाद दीपक की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ गई। दीपक का कहना है कि पूरा इलाका दो हिस्सों में बंट गया है।
बिजनेस पर पड़ा असर
31 जनवरी के बाद से दीपक के बिजनेस पर उस विवाद का असर दिखने लगा। दीपक एक इमारत की दूसरी मंजिल पर दिम चलाते हैं। जिन पूरे फ्लोर पर चलता है और उसका किराया हर महीने 40 हजार रुपये हैं। दीपके के परिवार की इनकम का जिम ही एक साधन है लेकिन अब लोग उनकी जिम में आने से परहेज करते हैं। दीपक का कहना है कि लोग डरे हुए हैं और वह उनकी मजबूरी समझते हैं।
दीपक ने बताया कि उनकी जिम में पहले 150 लोग आते थे लेकिन जब से विवाद शुरू हुआ है तब से लोगों की संख्या कम होकर 12-15 पर पहुंच गई है। दीपक ने बताया कि वह हर महीने 40 हजार रुपये किराया देते हैं और उन्हें होम लोन की किश्त के रूप में हर महीने 16 हजार रुपये भी देने हैं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि उनकी बेटी ने इस विवाद के बाद से स्कूल जाना भी बंद कर दिया है।
12 फरवरी को होगा प्रदर्शन
दीपक की मुश्किलें अभी भी कम नहीं हो रही हैं। उनकी चिंता अब और ज्यादा बढ़ गई हैं क्योंकि हिंदु रक्षा दल के सोशल मीडिया अकाउंट पर उनके खिलाफ एक वीडियो पोस्ट किया गया है। वीडियो में एक शख्स कह रहा है कि कोटद्वार में एक बार मार्च निकाला जाएगा और दीपक को सबक सिखाया जाएगा। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को इलाके में अशांति नहीं फैलाने दी जाएगी।