असम में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं की बयानबाजी तेज हो गई है। सीएम हिमंता बिस्वा सरमा मुस्लिम समुदाय के खिलाफ लगातार बयानबाजी कर रहे हैं, जिसके चलते राज्य में सियासी विवाद पैदा हो गया है। कुछ लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में सीएम हिमंता के इन बयानों के खिलाफ पीआईएल डाली है, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने मंजूर कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को सही करार देते हुए AIUDF चीफ बदरुद्दीन अजमल ने सीएम हिमंता को गिरफ्तार करने की मांग की।
सीएम हिमंता के खिलाफ सीपीआई की ओर से इसके महासचिव ए राजा की पत्नी एनी राजा ने अर्जी दायर की है। इसमें दावा किया गया है कि 27 जनवरी को हिमंत बिस्वा सरमा ने पहले एक जनसभा में हेट स्पीच दिया और फिर असम बीजेपी की ओर से एक्स हैंडल पर उनका एक हेट वीडियो भी शेयर किया गया, जिसमें वे कथित तौर पर एक एनिमेटड तस्वीर पर बंदूक चला रहे हैं, जिसमें दो मुसलमान नजर आ रहे हैं।
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क्या बोले बजरुद्दीन अजमल?
AIUDF चीफ बदरुद्दीन अजमल ने सुप्रीम कोर्ट के पीआईएल मंजूर करने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा, 'जिस तरह से पिछले छह महीनों से एक समुदाय के खिलाफ लगातार हेट स्पीच दी जा रही हैं। अभी दो दिन पहले ही यह दिखाया गया कि हिमंत बिस्वा सरमा मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों पर बंदूक तान रहे हैं। कोर्ट को आदेश देना चाहिए कि वह चुनाव ना लड़ सकें और उन्हें तुरंत गिरफ्तार करके जेल भेजा जाना चाहिए ताकि उनकी भी अक्ल ठिकाने आ जाए। वह एक दिन भी अपनी कुर्सी पर रहने के लायक नहीं हैं।'
लड़ाई लड़ने की बात कही
बदरुद्दीन अजमल ने सुप्रीम कोर्ट से सीएम हिमंता की हेट स्पीच को रोकने की मांग की और कहा कि हम भी सुप्रीम कोर्ट में इस अर्जी के समर्थन में जाएंगे। AIUDF चीफ ने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट को आदेश देकर उन्हें कुर्सी से उतारना चाहिए। उनकी हेट स्पीच को बंद करना चाहिए और उनके मुंह पर ताला लगाना चाहिए।' बजरुद्दीन अजमल ने आगे कहा कि सीएम हिमंता के खिलाफ उनकी पार्टी भी सुप्रीम कोर्ट जाएगी और कोर्ट में सभी जरूरी सबूत पेश करेगी। इसके साथ ही उन्होंने सीएम हिमंता के खिलाफ लड़ाई जारी रखने की बात भी कही।
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सीएम ने दिए कई विवादित बयान
असम के सीएम हिमंता बिस्वा शर्मा अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। उनकी पार्टी असम विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुट गई है और इसी कड़ी में सीएम ने एस समुदाय विशेष के खिलाफ कई विवादित बयान दिए हैं। इसके साथ ही बीजेपी असम के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर भी कई आपत्तिजनक वीडियो और पोस्ट शेयर किए जा रहे हैं। एक वीडियो में सीएम हिमंता को दो मुस्लिमों को गोली मारते दिखाया गया है। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद इस वीडियो को असम बीजेपी ने अपने एक्स अकाउंट से हटा दिया था लेकिन तब तक वीडियो वायरल हो चुका था।
इससे पहले सीएम हिमंता सरमा ने मियां यानी मुस्लिमों को परेशान करने के लिए कहा था। उन्होंने एक जमसभा में कहा था कि अगर मियां रिक्शावाला 5 रूपए मांगता है, तो उसे 4 रूपए ही दिया करें। बाकी हम देख लेंगे। इस बयान के बाद भी जमकर बवाल हुआ था।
