संजय सिंह, पटना। बिहार के गया जिले के मोहनपुर प्रखंड में शनिवार को उस वक्त तनाव की स्थिति बन गई, जब बाराचट्टी की विधायक ज्योति मांझी के काफिले पर कथित हमले का मामला सामने आया। विधायक ने आरोप लगाया है कि एक सुनियोजित साजिश के तहत उनके काफिले को रास्ते में रोककर न सिर्फ हंगामा किया गया, बल्कि सुरक्षाकर्मियों के साथ हाथापाई और अभद्र व्यवहार भी किया गया। घटना के बाद इलाके में राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने इस घटना को लेकर राष्ट्रीय जनता दल पर जमकर निशाना साधा है।
जानकारी के अनुसार, 17 मई को विधायक ज्योति मांझी मोहनपुर प्रखंड के गंभीरा गांव में आयोजित अदरकी समाज के एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रही थीं। बताया जा रहा है कि नदी पार करने के बाद जैसे ही उनका काफिला कच्चे रास्ते पर पहुंचा, वहां पहले से एक सवारी वाहन सड़क के बीचो-बीच खड़ा मिला। इससे काफिले की गाड़ियां आगे नहीं बढ़ सकीं।
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आक्रामक हुए 15-20 लोग
विधायक के मुताबिक, जब उनके सुरक्षाकर्मियों ने वाहन हटाने का अनुरोध किया तो वहां मौजूद 15 से 20 लोग अचानक आक्रामक हो गए। देखते ही देखते कहासुनी बढ़ गई और मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। आरोप है कि कुछ लोगों ने सुरक्षाकर्मियों के साथ हाथापाई की और विधायक के वाहन के पास पहुंचकर हंगामा करने लगे।
हमलावरों में जाति सूचक शब्दों का किया इस्तेमाल
घटना को लेकर विधायक ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि हमलावरों ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और माहौल को जानबूझकर बिगाड़ने की कोशिश की। इतना ही नहीं, उनकी गाड़ी का शीशा तोड़ने का भी प्रयास किया गया। विधायक ने दावा किया कि यदि वह गाड़ी से बाहर निकलतीं तो स्थिति और खतरनाक हो सकती थी। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सड़क पर अफरा-तफरी और लोगों की भीड़ दिखाई दे रही है। वीडियो वायरल होने के बाद मामला और तूल पकड़ने लगा है। स्थानीय स्तर पर इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी प्रशासन की ओर से नहीं की गई है।
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लिखित शिकायत दर्ज कराई
घटना के बाद विधायक ने मोहनपुर थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई और आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की है।
पुलिस कर रही है मामले की जांच पड़ताल
इधर, सौरव जायसवाल ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि शिकायत के आधार पर वीडियो फुटेज और अन्य तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घटना ने इलाके की राजनीति को भी गर्म कर दिया है। समर्थकों का कहना है कि विधायक को निशाना बनाकर डराने की कोशिश की गई, जबकि विरोधी पक्ष पूरे मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए जाने की बात कह रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की तह तक जाने में जुटी है।
