अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा कांड की जांच अब सिर्फ कथित गबन तक सीमित नहीं रह गई है। पुलिस और एसआईटी अब आरोपियों की आर्थिक स्थिति में आए अचानक बदलाव, संपत्ति, नकदी और आय के स्रोतों की भी गहन जांच कर रही हैं। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर मामूली वेतन और साधारण पृष्ठभूमि वाले कुछ लोगों के पास इतनी बड़ी रकम और संपत्ति कैसे पहुंची। इन सभी पहलुओं की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है।
जांच में सामने आया है कि आरोपी अविनाश को राम मंदिर में गणना कार्य से जुड़ने से पहले हनुमान गुफा के पास पानी बेचता था। प्रत्यक्षदर्शी सेवादार सुंदरलाल के अनुसार, मार्च 2025 में उसे मंदिर में गणना कार्य से जोड़ा गया। योगाचार्य सीमा तिवारी का कहना है कि अविनाश का भाई अभिषेक पिछले कई वर्षों से योग केंद्र से जुड़ा था और राम मंदिर से जुड़े लोगों के संपर्क में भी रहा। उनका मानना है कि इन्हीं संपर्कों के आधार पर अविनाश को मंदिर में काम मिला होगा। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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20 लाख रुपये मिलने का दावा, जांच जारी
प्रत्यक्षदर्शी सेवादार सुंदरलाल ने दावा किया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान अविनाश के कमरे से दो बैग निकाले गए और बाद में उन्हें जानकारी मिली कि लगभग 20 लाख रुपये बरामद हुए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि 14 से 15 हजार रुपये मासिक वेतन पाने वाले व्यक्ति के पास इतनी बड़ी रकम कैसे पहुंची। पुलिस ने इस संबंध में अभी आधिकारिक तौर पर बरामदगी का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया है।
कार मैकेनिक से करोड़ों के सपनों तक?
मामले में गिरफ्तार लवकुश मिश्रा की आर्थिक स्थिति भी जांच एजेंसियों के रडार पर है। जांच के अनुसार, लवकुश पहले दिल्ली और भेलसर में कार मैकेनिक का काम करता था। करीब एक वर्ष पहले उसे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में नौकरी मिली। पुलिस जांच में उसके घर से लगभग 14 लाख रुपये नकद बरामद होने की बात सामने आई है। इसके अलावा, उसकी पत्नी के नाम अयोध्या के सहादतगंज में करीब 25 लाख रुपये मूल्य का भूखंड खरीदे जाने और वहां बहुमंजिला मकान बनवाने की भी जांच की जा रही है।
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आय के स्रोतों की होगी गहन पड़ताल
जांच एजेंसियां अब बैंक खातों, संपत्ति, नकदी, मोबाइल डेटा और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में अवैध कमाई के साक्ष्य मिलते हैं तो संबंधित धाराओं में आगे की कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल, मामले में सामने आए सभी आरोप और दावे जांच के अधीन हैं। अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।


