संजय सिंह, पटना: विक्रमशिला पुल पर आए संकट को दूर करने के लिए बिहार सरकार ने कमर कस ली है। टूटे हुए हिस्से की मरम्मत के साथ-साथ, गाड़ियों की आवाजाही को फिर से शुरू करने के लिए पथ निर्माण विभाग ने एक बड़ा प्लान बनाया है। आम लोगों की मुश्किलों को देखते हुए अब यहां तुरंत एक अस्थायी बेली ब्रिज (लोहे का फोल्डिंग पुल) और फिर एक मजबूत ट्रस ब्रिज (लोहे के ढांचे वाला पुल) बनाने की तैयारी शुरू हो गई है।
पटना में विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में हुई बड़ी बैठक में पुल की मौजूदा स्थिति और मरम्मत पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने साफ कहा कि पुल की हालत देखते हुए फिलहाल एक वैकल्पिक रास्ता बनाना बेहद जरूरी है।
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सेना की मदद से तुरंत बनेगा अस्थायी पुल
बैठक में फैसला लिया गया कि बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) की मदद से जल्द ही एक बेली ब्रिज तैयार किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, इसका काम युद्धस्तर पर शुरू हो चुका है। तकनीकी टीमें डिजाइन पर काम कर रही हैं ताकि कम से कम छोटी गाड़ियों का आना-जाना जल्द शुरू हो सके। सचिव ने कहा कि यह पुल भागलपुर और आसपास के जिलों की जीवनरेखा है, इसलिए लोगों को ज्यादा दिनों तक परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
2 महीने में तैयार होगा दो लेन का मजबूत पुल
सिर्फ अस्थायी ही नहीं, बल्कि एक मजबूत विकल्प पर भी मुहर लग गई है। बेली ब्रिज के साथ ही एक दो लेन वाला ट्रस ब्रिज भी बनाया जाएगा। इसमें पैदल चलने वालों के लिए अलग से सुरक्षित रास्ता होगा। विभाग ने इस काम को 2 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा है। अगर ऐसा हुआ तो भागलपुर, नवगछिया, कटिहार और कोसी क्षेत्र के लाखों लोगों की परेशानी खत्म हो जाएगी।
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IIT पटना करेगा सुरक्षा की जांच
पुल भविष्य में कितना सुरक्षित रहेगा इसके लिए IIT पटना की टीम सुरक्षा जांच कर रही है। इसकी रिपोर्ट 3 हफ्ते में आ जाएगी। रिपोर्ट मिलने के बाद ही तय होगा कि मुख्य पुल की मरम्मत कैसे की जाए ताकि वह लंबे समय तक टिका रहे। सचिव ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है कि काम में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इंजीनियरों को आदेश दिया गया है कि वे मौके पर ही रहकर काम की निगरानी करें।
