संजय सिंह, पटना। बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की सुरक्षा में कटौती कर दी गई है। अब उन्हें Z श्रेणी की सुरक्षा के बदले Y प्लस की सुरक्षा दी जाएगी। सुरक्षा घटने पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रवक्ता एजाज अहमद ने सुरक्षा घटाने पर गंभीर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका आरोप है कि प्रतिपक्ष के नेता को नीचा दिखाने के लिए यह कदम उठाया गया है। इस विवाद पर अब दोनों तरफ से वार-पलटवार जारी है।

 

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले राबड़ी देवी ने यह आरोप लगाया था कि कुछ नेता उनके बेटे की हत्या की साजिश रच रहे हैं। इस आरोप के बाद तेजस्वी की सुरक्षा बढ़ाई गई थी। नीतीश सरकार के मंत्री जमा खान ने इस आरोप को निराधार बताया है। मंत्री का कहना है कि समय समय पर सुरक्षा की समीक्षा की जाती है। खतरे का आकलन करते हुए सुरक्षा को घटाया बढ़ाया जाता है। हालांकि, RJD सत्ता पक्ष पर इस मुद्दे के कारण लगातार हमलावर है।

 

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राबड़ी के आरोप पर बढ़ी थी सुरक्षा

पिछले विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा में तेजस्वी यादव और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बीच जोरदार बहस हुई थी। तब तेजस्वी की मां और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने यह आरोप लगाया था कि राजनीतिक प्रतिद्वंदिता की वजह से उनके पुत्र की हत्या की जा सकती है। राबड़ी के इस बयान के बाद सरकारी तंत्र सक्रिय हुआ और उनकी सुरक्षा बढाकर Z श्रेणी कर दी गई थी। विधानसभा चुनाव के दौरान भी उनकी सुरक्षा बढ़ी हुई रही लेकिन अभ विधानसभा चुनाव के करीब 3 महीने बाद उनकी सुरक्षा घटाकर Y प्लस कर दी गई है। 

बीजेपी और जदयू नेताओं की बढ़ाई गई सुरक्षा 

नीतीश सरकार ने समीक्षा के बाद जहां बीजेपी और JDU नेताओं की सुरक्षा बढ़ा दी गई है, वहीं तेजस्वी यादव की सुरक्षा घटा दी गई। BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, बिहार प्रदेश BJP अध्यक्ष संजय सरावगी, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और राज्य सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को Z श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। Z श्रेणी की सुरक्षा में चार से पांच एनएसजी कमांडो सहित कुल 22 जवान तैनात रहते हैं। इसमें दिल्ली पुलिस, आईसीबीपी या सीआरपीएफ के कमांडो व स्थानीय पुलिसकर्मी शामिल होते हैं। वहीं Y प्लस सिक्योरिटी में 11 सुरक्षा कर्मी मिले होते हैं। इनमें एक या दो कमांडो और दो पीएसओ शामिल होते हैं। 

क्या बोले RJD प्रवक्ता?

RJD प्रवक्ता एजाज अहमद ने आरोप लगाया कि सरकार प्रतिपक्ष के नेता की सुरक्षा को लेकर गंभीर नही है। प्रतिपक्ष के नेता की सुरक्षा एक साजिश के तहत कम की गई है। यदि उनके साथ कोई अप्रिय घटना घटती है तो इसकी पूरी जिम्मेवारी राज्य सरकार की होगी। इस तरह का व्यवहार राज्य सरकार को प्रतिपक्ष के नेता के साथ करना शोभा नही देता। राज्य सरकार के दोहरे मापदंड का उदाहरण इस बात से मिलता है कि जदयू और BJP नेताओं की सुरक्षा बेवजह बढ़ाई गई।

 

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क्या बोले मंत्री जमा खान ?

नीतीश सरकार के मंत्री जमा खान ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा है कि तेजस्वी यादव अक्सर विधानसभा से गायब रहते हैं। पहले की तरह अब वे जनता के बीच सक्रिय नही दिखते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा में की गई कटौती पूरी तरह नियमों के अनुरूप है। मंत्री ने आगे कहा कि एनडीए सरकार ना किसी को दबाती है और ना ही किसी के साथ पक्षपात करती है। सुरक्षा व्यवस्था तय मानकों और परिस्थितियों के आकलन के आधार पर तय की जाती है। इसलिए इस तरह का आरोप लगाना बेबुनियाद है।