संजय सिंह, पटना। बिहार के बांका जिले में जालसाजों ने महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का प्रलोभन देकर 50 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठग महिलाओं से आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी कार्ड की फोटो भी लेकर भाग गए। महिलाओं को यह बताया गया था कि राज्य सरकार के निर्देश पर महिलाओं को रोजगार शुरू करने के लिए एक एक लाख रूपये का ऋण दिया जायेगा। इसी लोन के बहाने उन महिलाओं को ठगी का शिकार बनाया गया।
सरकारी योजना का बहाना बनाकर ठगों ने महिलाओं का विश्वास जीत लिया। महिलाएं ठग के झांसे में आ गई और ठगों ने महिलाओं को लोन देने के बहाने नए बैंक की ब्रांच में खाता खुलवाने के लिए कहा। ठगों ने कहा कि खाता खुलवाना जरूरी है और उन्होंने खाता खुलवाने के लिए हर एक महिला से 5-5 हजार रुपये ले लिए। जब महिलाओं को समझ आया की उनके साथ ठगी हो गई है तो वह शिकायत लेकर बांका पुलिस के पास पहुंची। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
कैसे की गई ठगी?
कुछ जालसाजों ने बांका केंद्रीय विद्यालय के पास एक निजी मकान में सोना गिरी फाइनेंस का ऑफिस खोला। कंपनी का ऑफिस बड़े ही ताम झाम से खोला गया था। कंपनी के संचालकों ने कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए कुछ स्थानीय युवकों की नियुक्ति भी की थी। युवकों को खाता खुलवाने पर प्रत्येक खाते पर कमीशन देने का भी लालच दिया गया था। कमीशन के चक्कर में युवकों ने बढ़ चढ़ कर खाता खुलवाया।
एक हजार से भी ज्यादा खाते खुलवाए गए। इसके बदले में महिलाओं से पांच-पांच हजार रूपये वसूले गए। बदले में एक रसीद और प्रबंधक का विजिटिंग कार्ड महिलाओं को दिया गया। महिलाओं को बताया गया की रोजगार शुरू करने के लिए जल्द ही उनके खाते में राशि डाल दी जाएगी।
महिलाओं से पांच-पांच हजार रुपये लिए गए थे। कुछ महिलाओं ने कर्ज लेकर तो कुछ ने अपने गहने गिरवी रखकर पांच हजार रुपये जुटाए और बैंक में खाता खुलवाया। अब ये महिलाएं पासबुक लेकर सड़क पर घूम रही हैं। अधिकारियों और पुलिस से उनसे लिए गए पैसे वापस दिलवाने की मांग कर रही हैं।
21 जनवरी तक लोन देने का किया था वादा
जालसाजों ने महिलाओं को भरोसा दिया था कि 21 जनवरी तक सभी खाताधारियों के खाते में साठ हजार से एक लाख रूपये तक आ जायेंगे। लोन राशि पर मात्र एक प्रतिशत का ब्याज लगेगा। महिलाओं के सामने यह प्रस्ताव रखा गया था की लोन की राशि तभी मंजूर होगी जब उनके खाते में पांच हजार रूपये का क्रेडिट दिखेगा।
21 जनवरी तक हर हाल में लोन की राशि खाते में आने की बात कही गयी थी। महिलाओं को यह भी बताया गया था कि खाता खुलवाने के लिए जो पांच हजार की राशि क्रेडिट के रूप में ली जा रही है। उस राशि को लोन के साथ वापस कर दिया जायेगा। महिलाओं ने 22 जनवरी तक खाते में राशि आने का इंतजार किया। जब राशि खाते में नहीं आयी तब महिलाओं की बेचैनी बढ़ने लगी।
महिलाओं ने जाकर बैंक की ब्रैंच को देखा तो उनके होश उड़ गए। जिस मकान में बैंक की शाखा खोला गया था, उसके मुख्य गेट पर बड़ा ताला लगा हुआ था। ऑफिस का बोर्ड भी गायब था। बैंक के कर्मचारियों ने महिलाओं को अपना मोबाइल नंबर भी संपर्क करने के लिए कहा था। जब महिलाओं ने उस नंबर पर संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया तब सभी नंबर बंद आ रहे थे और तब महिलाओं को बात समझ आ गई की उनके साथ ठगी हो गई है।
पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई
ठगी की शिकार हुई महिलाएं सदर थाना पहुंची। महिलाओं ने थाने में पुलिस को आपबीती सुनाई। पुलिस ने महिलाओं को लिखित शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। महिलाओं की लिखित शिकायत पर पुलिस ने कार्यवाही शुरू कर दी है। महिलाओं ने पुलिस को एक विजिटिंग कार्ड भी दिया है। उस कार्ड पर प्रबंधक के रूप में सौरव सिंह का नाम दर्ज है। सदर थाना अध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया की महिलों की शिकायत पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।