भारतीय जनता पार्टी और जनता दल (यूनाइटेड) ने बिहार में साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा और बंपर जीत से साथ सत्ता में वापसी की। विधानसभा चुनाव के दौरान भागलपुर के JDU सांसद और गोड्डा के BJP सांसद के बीच जो रिश्ते खराब हुए थे वह ठीक होने का नाम नहीं ले रहे हैं। चुनाव खत्म होने के बाद भी दोनों के समर्थक शांत नहीं हो रहे हैं। इसका नतीजा शिवनारायणपुर में ट्रेन ठहराव (स्टॉपेज) कार्यक्रम में देखने को मिला, जहां दोनों के समर्थक आपस में टकरा गए। 

 

JDU समर्थकों का कहना था कि जब स्थानीय सांसद मौजूद थे तो फिर गोड्डा के सांसद को इस कार्यक्रम के क्यों शामिल किया गया। बता दें कि JDU और BJP सांसद कहलगांव के ही रहने वाले हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान दोनों के बीच रिश्ता बिगड़ गया था और फिर लगातार दोनों के बीच दुरी बढ़ती रही। 

 

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क्यों बिगड़ा रिश्ता?

लोकसभा चुनाव के दौरान BJP सांसद निशिकांत दुबे ने अजय मंडल की हर मोर्चे पर मदद की थी। विधानसभा चुनाव में अजय मंडल अपनी भांजी को टिकट दिलवाना चाहते थे लेकिन JDU ने टिकट देने से मना कर दिया। नाराज अजय मंडल ने तब अपना त्यागपत्र मुख्यमंत्री को भेज दिया था। इस बीच BJP आलाकमान ने BJP सांसद निशिकांत दुबे को भागलपुर में चुनाव प्रचार कार्य की देख रेख के लिए भेजा। अजय मंडल की भांजी बिहपुर में BJP उम्मीदवार के खिलाफ खड़ी हो गयी। BJP सांसद ने अजय मंडल को मानाने की लाख कोशिश की पर वह नहीं माने। यहीं से दोनों के बीच दूरियां बढ़ने लगी। दोनों सांसदों के बीच का संबंध तल्ख हो गया है। 

क्रेडिट लेने की मची होड़ 

निशिकांत दुबे और अजय मंडल दोनों का घर कहलगांव ही है। कहलगांव के ही शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन पर रेल मंत्रालय ने दानापुर साहेबगंज इंटरसिटी का स्टॉपेज दिया था। इस स्टॉपेज को हरी झंडी दिखाने के लिए रेलवे ने एक कार्यक्रम आयोजित किया था और इसमें दोनों सांसदों को बुलाया गया था। JDU सांसद का दावा था कि उनके लगातार प्रयास के कारण यह स्टॉपेज दिया गया है। 

 

वहीं, बीजेपी सांसद का कहना था कि शिवनारायणपुर के लोग उनसे लगातार मिल कर स्टॉपेज की मांग कर रहे थे। इस संबंध में उन्होंने रेल मंत्री से बात की थी और रेल मंत्री ने उनकी बात को माना भी। मंत्रालय की ओर से कुछ ही दिनों में स्टॉपेज देने की घोषणा कर दी गई। बीजेपी सांसद का दावा है कि इस संबंध में उन्हें रेल मंत्री ने चिट्ठी भी लिखी थी। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि रेलवे के कर्मचारियों ने इस कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित किया था। 

 

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राजनितिक गलियारों में चर्चा तेज 

एनडीए कार्यकर्ताओं के भिड़ंत को लेकर राजनितिक गलियारों में चर्चा तेज हो गयी है। सांसद अजय मण्डल अपनी कार्यशैली की वजह से अलग थलग पड़ते दीख रहे हैं। BJP विधायक उनसे पहले से ही नाराज हैं। उन्होंने JDU के भी कुछ विधायकों को भी टिकट देने का विरोध किया था। इस कारण JDU के भी विधयाकों ने भी उनसे दुरी बना रखी है।

 

 यही हाल बांका में भी देखने को मिला था। मंदार महोत्सव के दौरान सांसद गिरधारी यादव का संबोधन शुरू होने से पहले मंच छोड़ कर चले गए थे। एनडीए में यदि इसी तरह की खिंचतान चलती रही तो भविष्य में राजनीति में उलट-पुलट हो सकता है।