संजय सिंह, पटना। होली के रंगों के बीच बिहार सरकार ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदाय के छात्रों के लिए नया ऐलान किया है। मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने शुक्रवार को पटना में आयोजित होली मिलन समारोह में घोषणा की है कि राज्य के सभी डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालयों में जल्द 24 घंटे स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती होगी और आपात स्थिति से निपटने के लिए बहुउद्देशीय वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही 720 सीट क्षमता वाले 40 नए आवासीय विद्यालय खोलने का भी निर्णय लिया गया है।
40 नए आवासीय विद्यालय खोलने का रास्ता साफ
मंत्री रौशन ने बताया कि वर्तमान में राज्य में 91 आवासीय विद्यालय संचालित हैं। अब सरकार ने 720 सीटों की क्षमता वाले 40 नए विद्यालय खोलने का निर्णय लिया है। इन विद्यालयों को शीघ्र प्रारंभ करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। उन्होंने बताया कि सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 1 और कक्षा 6 में नामांकन को लेकर छात्रों और अभिभावकों में जबरदस्त उत्साह दिखा है। ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से कुल 1,03,195 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें कक्षा 1 के लिए 59,453 और कक्षा 6 के लिए 43,742 आवेदन शामिल हैं। आवेदन संख्या से स्पष्ट है कि आवासीय विद्यालयों पर समाज का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
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छात्रवृत्ति दोगुनी, फीस की चिंता खत्म
एससी-एसटी छात्रों के शैक्षणिक सशक्तीकरण पर जोर देते हुए मंत्री ने बताया कि कक्षा 1 से 11 तक के लगभग 25 लाख छात्रों को विभाग के माध्यम से छात्रवृत्ति दी जाती है। हाल ही में कैबिनेट की मंजूरी के बाद छात्रवृत्ति राशि को दोगुना कर दिया गया है। प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत अब राज्य और केंद्र सरकार द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्रों की शिक्षण शुल्क सहित सभी अनिवार्य शुल्कों का भुगतान सरकार करेगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में बड़ी राहत मिलेगी।
मेधावृति और छात्रावास योजना को भी मजबूती
मुख्यमंत्री मेधावृति योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 1,63,826 एससी-एसटी छात्रों को 164 करोड़ 66 लाख रुपये की सहायता दी गई है। इसके अतिरिक्त विभाग द्वारा संचालित 137 छात्रावासों में 10,663 छात्र-छात्राओं को पठन-पाठन, आवास और भोजन की सुविधा मिल रही है। प्रत्येक छात्र को 15 किलोग्राम अनाज और प्रतिमाह एक हजार रुपये का अनुदान दिया जाता है। मंत्री ने संकेत दिया कि इस अनुदान राशि में भी शीघ्र वृद्धि की जाएगी।
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4800 सामुदायिक भवनों का निर्माण
ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए ग्राम पंचायतों के एससी-एसटी टोलों में 4,800 सामुदायिक भवनों का निर्माण कराया जा चुका है। शेष बचे टोलों का सर्वे कर शीघ्र निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। मंत्री द्वारा किए गए इन घोषणाओं को शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार का फोकस स्पष्ट है एससी-एसटी छात्रों को सुरक्षित वातावरण, बेहतर शिक्षा और आर्थिक सहयोग देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करना है।
