राजधानी दिल्ली की सड़कों पर बने गड्ढे अब राहगीरों के लिए यमराज साबित हो रहे हैं। हाल ही में नोएडा में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के बाद भी दिल्ली प्रशासन बेफिक्र है। ऐसा इसलिए क्योंकि जनकपुरी में एक गड्ढे ने एक युवक की जान ले ली। लापरवाही इतनी गंभीर थी कि हादसे के बाद युवक पूरी रात गड्ढे में फंसा रहा और उसकी मौत हो गई।
दरअसल, पालम निवासी एक युवक गुरुवार देर रात जनकपुरी इलाके से अपनी बाइक पर गुजर रहा था। सड़क के बीचों-बीच मौजूद एक गहरे गड्ढे का उसे अंदाजा नहीं लगा और उसकी बाइक सीधे उसमें जा गिरी। स्थानीय लोगों का दावा है कि दिल्ली जल बोर्ड ने इस जगह पर खुदाई की थी, लेकिन काम खत्म होने के बाद गड्ढे को खुला ही छोड़ दिया गया।
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मृतक के दोस्त ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि कल रात उससे आखिरी बार बात हुई थी, जब वह डिस्ट्रिक्ट सेंटर पहुंच चुका था और घर से सिर्फ 15 मिनट दूर था। एक घंटे तक संपर्क न होने पर दोस्तों ने तलाश शुरू की, लेकिन पुलिस ने रात में शिकायत दर्ज नहीं की। पूरी रात खोजबीन के बावजूद कोई सुराग नहीं मिला। सुबह पुलिस ने बताया कि वह गड्ढे में मृत मिला। दोस्तों को हत्या का शक है और पुलिस की देरी पर सवाल उठ रहे हैं।
इस हादसे पर गरमाई राजनीति
इस मुद्दे पर राजनीति भी गरमा गई है। आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्सपर पोस्ट कर भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने नोएडा कांड से कोई सबक नहीं लिया है। दूसरी ओर, शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित करने का आश्वासन दिया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।
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नोएडा एक्सीडेंट का बैकग्राउंड
गौरतलब है कि हाल ही में नोएडा के सेक्टर 150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। उस मामले में प्रशासनिक लापरवाही सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एसआईटी गठित की गई थी। साथ ही नोएडा अथॉरिटी के सीईओ को हटाया गया था और एक जूनियर इंजीनियर की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं।
