संजय सिंह, पटना। पश्चिमी चंपारण के लौरिया से बीजेपी विधायक विनय बिहारी ने बिहार की शराबबंदी नीति पर सवाल उठा दिया है। उन्होंने मौजूदा व्यवस्था को पूरी तरह असफल करार देते हुए सरकार से साफ शब्दों में कहा कि शराबबंदी को पूरी सख्ती और ईमानदारी से लागू करें या फिर इसे पूरी तरह खत्म करें। आधे-अधूरे कानून से न तो समाज का भला हो रहा है और न ही प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत हो रही।
'प्रतिबंध के बावजूद भी मिल रही शराब'
बीजेपी विधायक ने आरोप लगाया कि बिहार में शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब की बिक्री खुलेआम जारी है। सीमावर्ती इलाकों से ग्रामीण क्षेत्रों तक अवैध नेटवर्क सक्रिय हैं। इससे कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब प्रतिबंध के बावजूद शराब उपलब्ध हो जाती है तो इससे प्रशासन की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है।
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विधायक विनय बिहारी ने कहा कि शराबबंदी का उद्देश्य समाज को नशामुक्त बनाना था, लेकिन वर्तमान हालात इसके उलट तस्वीर पेश कर रहे हैं। उन्होंने चिंता जताई कि शराब पर रोक के बाद कई जगहों पर अन्य नशे की प्रवृत्तियां तेजी से बढ़ी हैं। यह स्थिति युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। उन्होंने सरकार नशे की जड़ पर प्रहार करने और ठोस व प्रभावी रणनीति बनाने की मांग की।
गुटखा पर भी लगे प्रतिबंध
बीजेपी विधायक ने गुटखा पर भी बैन की मांग उठाई है। उनका कहना था कि अगर सरकार सचमुच समाज को स्वस्थ और अनुशासित बनाना चाहती है तो उसे सभी प्रकार के नशे के खिलाफ कठोर रुख अपनाना होगा। केवल एक पर रोक और दूसरे पर ढिलाई से अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सकते। उन्होंने अश्लील गानों पर सरकार के फैसले का समर्थन किया।
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मनोरंजन के नाम पर अश्लीलता को बढ़ावा
बीजेपी विधायक ने कहा कि मनोरंजन के नाम पर फूहड़ता और अश्लीलता को बढ़ावा देना समाज में नैतिक गिरावट को जन्म देता है। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सामाजिक संतुलन और सांस्कृतिक गरिमा बनाए रखने के लिए निर्णायक कदम उठाए। विधायक ने चेतावनी दी कि अगर समाज में विभाजन, वैमनस्य और नैतिक पतन की प्रवृत्ति बढ़ती रही तो यह देश की एकता और अखंडता के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। उन्होंने कहा कि कानून केवल कागज पर नहीं, जमीन पर दिखना चाहिए। स्पष्ट नीति और कठोर क्रियान्वयन ही जनता का विश्वास कायम रख सकती है।
