पंजाब और हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ की आबादी 14 लाख पार जा चुकी है जबकि यह शहर सिर्फ 5 लाख लोगों के लिए बनाया गया था। ऐसे में चंडीगढ़ मास्टर प्लान लाकर प्रशासन लोगों के लिए आवास की दिक्कत को खत्म करने की कोशिश कर रहा है। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की ग्रुप हाउसिंग स्कीम जल्द ही लॉन्च होने जा रही है। इस स्कीम के तहत अब चंडीगढ़ में EWS फ्लैट की कीमत 74 लाख, 2BHK की 1.97 करोड़ और 3BHK की कीमत 2.30 करोड़ रुपए तक रहेगी। अब प्रशासन ने फ्लोर एरिया रेश्यो को 1.2 से बढ़ाकर 2.4 कर दिया है। इससे अब शहर में लोग 4 या 5 की बजाय 6 मंजिला इमारतें बना सकेंगे।
हाल ही में शहर में कलेक्टरेट रेट में बढ़ोतरी हुई थी जिससे इस प्रोजेक्ट की लागत 35 प्रतिशत से 40 प्रतिशत तक बढ़ गई थी। अब फ्योर एरिया रेश्यो बढ़ने से एक ही जमीन पर ज्यादा फ्लैट्स बनाए जा सकेंगे जिससे हर एक फ्लैट का कंस्ट्रक्शन का खर्च कम हो जाएगा। फ्लोर एरिया रेस्यो किसी प्लॉट के कुल क्षेत्रफल और उस पर बनाए जाने वाले कुल फ्लोर एरिया यानी कुल मंजिलो के बीच का अनुपात होता है।
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आलीशान कोठियों में रह सकेंगे
इतना ही नहीं इस बार शहर में बढ़ती भीड़ और आवास की दिक्कत को हल करने के लिए और टूरिस्टों को राहत देने के लिए भी प्लान बनाया गया है। इस प्लान के तहत अब बड़ी कोठियों के मालिक अपने घर में लोगों को किराए पर कमरे दे पाएंगे। खास बात यह है कि कोठी में किसी भी प्रकार का कोई भी बदलाव नहीं किया जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि कोठी बाहर से वैसी ही रहेगी लेकिन अंदर मालिक के अलावा किराएदार भी रह पाएंगे। इसके लिए गाइडलाइन्स बना दी गई हैं। एक कमरे में दो बैड, अटैच्ड बाथरूम, पार्किंग जैसे नियम लागू होंगे। इसके अलावा घर को कमर्शियल इकाई नहीं माना जाएगा।
सेक्टर 53 में बनेंगे नए घर
चंडीगढ़ में अपना घर लेने का सपना लाखों लोगों का है और घरों की कीमते काफी ज्यादा हैं। सेक्टर 53 में पहले 2018 में लॉन्च हुई थी लेकिन कीमत ज्यादा होने के कारण इसे अच्छा रिस्पॉन्स नहीं मिला था। नवंबर 2024 में इस पर फिर से काम शुरू किया गया। एक सर्वे में 372 फ्लैट्स के लिए 7 हजार से ज्यादा आवेदन आए हैं।
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इंडस्ट्रियल एरिया में भी राहत
इंजस्ट्रियल एरिया फेज 1 और फेज 2 में भी फ्लोर एरिया रेश्यो बढ़ा दिया गया है। मौजूदा समय में यह 0.75 और 1.0 है जिसे बढ़ाकर अब 2.0 कर करने की तैयारी है। इसके अलावा नॉन हेरिटेड सेक्टर में कॉमर्शियल, होटल और एजुकेशन संस्थानों के लिए भी एक्सट्रा फ्लोर एरिया रेश्यो बनाया जा सकता है। हालांकि, सेक्टर 1 से सेक्टर 30 तक कोई भी बदलाव नहीं किया जाएगा। यह सभी बदलाव चंडीगढ़ मास्टर प्लान 2031 का हिस्सा हैं।
