गुजरात के अहमदाबाद में एक घर के अंदर जो हुआ, वह हर पैरेंट के दिल की धड़कन बढ़ा देने वाला है। डेढ़ साल का एक बच्चा अपने घर में बैठकर खिलौने लेकर खेल रहा था। अचानक उसने छोटा सा 'हल्क' निगल लिया है। वही हल्क जिसे आप मार्वल सीरीज की फिल्मों में देखते हैं। प्लास्टिक का खिलौना निगलने के कुछ ही देर में बच्चा रोने लगा और उसे उल्टियां होने लगीं। गनीमत यह रही कि डॉक्टरों ने यह खिलौना बच्चे के पेट से निकाल लिया और उसकी जान बच गई।

 

रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चे के खिलौना निगलने के बाद घर में अफरा-तफरी मच गई थी। आनन-फानन में घर के लोग बच्चे को लेकर अहमदाबाद सिविल हॉस्पिटल पहुंचे। पहले लग रहा था कि कोई छोटी-मोटी चीज निगल ली होगी लेकिन जांच की गई तो सबके होश उड़ गए।

एक्स-रे में दिखा पूरा ‘हल्क’

डॉक्टरों ने जांच की तो एक्स-रे दिखा कि कोई छोटा-मोटा टुकड़ा नहीं बल्कि पूरा का पूरा प्लास्टिक फिगर यानी कि हल्क के सिर, हाथ, पैर सब पेट के अंदर थे। यह मामला आम नहीं था, क्योंकि ऐसी चीज अगर पेट और खाने की नली के बीच फंस जाए तो जान का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

 

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ऑपरेशन नहीं, माइंड गेम था

डॉक्टरों के सामने चुनौती साफ थी बिना सर्जरी, बिना नुकसान के खिलौना बाहर निकालना। एंडोस्कोपी का रास्ता चुना गया लेकिन मामला आसान नहीं था। पेट में हवा, चिकना प्लास्टिक और खिलौने का अजीब शेप हर कोशिश में वह फिसल जाता। डॉक्टरों ने तय किया कि खिलौने को हाथ या पैर से नहीं, बल्कि सिर से पकड़ा जाएगा। 45 मिनट तक टीम ने सांस रोके रखी। एक गलत मूव और मामला बिगड़ सकता था लेकिन आखिरकार हल्क बाहर था और बच्चा सुरक्षित है।

 

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वर्कशॉप छोड़, बच्चे की जान बचाई

खास बात यह रही कि उसी वक्त हॉस्पिटल में एक इंटरनेशनल मेडिकल वर्कशॉप चल रही थी। बावजूद इसके, सीनियर डॉक्टरों की टीम तुरंत एक्टिव हुई। प्राथमिकता सिर्फ एक थी बच्चे की जान। बच्चा अब पूरी तरह स्वस्थ है और घर लौट चुका है। मगर यह खबर सिर्फ राहत की नहीं, चेतावनी की भी है। डॉक्टरों का साफ कहना है छोटे बच्चों के हाथ में छोटे प्लास्टिक खिलौने छोड़ना खतरे से खाली नहीं है।