उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की सड़कें इस वक्त चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। शहर की सड़कों पर स्कूल के बच्चे रैली कर रहे थे। इस रैली में बच्चों ने देश के युवाओं की समस्या को उठाया। बच्चों ने मोबाइल फोन के ज्यादा स्क्रीन टाइम के खिलाफ रैली निकाली। आज के दौर में ज्यादा स्क्रीन टाइम एक बड़ी समस्या बन गई है। बच्चे से लेकर युवा तक इस स्क्रीन की लत से ग्रसित हैं। इसी समस्या को लेकर स्कूल के बच्चे सड़क पर उतरे और अपने हाथों में बैनर लेकर मुहिम चलाया।
इन बैनरों पर कुछ स्लोगन लिखे हुए थे, जैसे 'मां, मुझे मोबाइल से बचा लो', 'छोटे हाथों में किताबें अच्छी लगती हैं, मोबाइल नहीं' और 'मोबाइल स्क्रीन नहीं, सपनों को छूना है।' यह रैली श्री गिरधारी लाल जैन मेमोरियल पब्लिक स्कूल की ओर से निकाली गई। इन बच्चों ने काली पट्टी बांधकर अपने स्कूल से बाहर निकलकर पास वाली सड़क पर यह रैली की।
यह भी पढ़ें: 33 बच्चों से दरिंदगी, डार्क वेब, यौन शोषण, दोषी पति-पत्नी को फांसी की सजा
माता-पिता को बताया जिम्मेदार
स्कूल की प्रिंसिपल ने कहा कि इस कैंपेन का उद्देश्य बच्चों में बढ़ते स्क्रीन टाइम की लत को रोकना है। साथ ही उन्होंने कहा, 'कई घरों में दो साल के बच्चों को भी मोबाइल फोन खिलौने के रूप में दे दिया जाता है। समय के साथ वे अनजाने में इसकी लत के शिकार हो जाते हैं।'
इसके बाद अलका जैन ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों के ज्यादा स्क्रीन टाइम के लिए काफी हद तक माता-पिता भी जिम्मेदार हैं। कई बार माता-पिता ही बच्चों को मोबाइल थमा देते हैं। आजकल के बच्चे फोन पर गेम खेल रहे हैं और आउटडोर गेम्स नहीं खेल रहे, जिससे उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। ज्यादा स्क्रीन टाइम की वजह से बच्चों की आंखों की रोशनी कमजोर हो सकती है। साथ ही उनकी याददाश्त पर भी असर पड़ता है।
यह भी पढ़ें: CM योगी के जिले में ऑपरेशन के दौरान 9 लोगों की आंखों में हुआ इन्फेक्शन, गई रोशनी
रैली का संदेश
इस रैली के जरिए बच्चों ने यह संदेश दिया कि मोबाइल स्क्रीन टाइम कम करना जरूरी है। स्कूल के बच्चों ने अपनी चिंताएं व्यक्त कीं। स्कूल के एक छात्र ने बताया कि 'यह रैली इसलिए निकाली जा रही है क्योंकि कई बच्चे मोबाइल पर लंबे समय तक समय बिताते हैं, जिससे उनकी आंखों की रोशनी कमजोर हो जाती है, माइग्रेन की समस्या होती है और चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है।'
जानकारी के लिए बता दें कि इस छात्र का नाम अंशुमन सैनी है, जो 8वीं कक्षा का छात्र है। अंशुमन सैनी ने यह भी बताया कि उसके कई दोस्तों को ज्यादा स्क्रीन टाइम की वजह से आंखों पर मोटे-मोटे चश्मे लग गए हैं।
