तेलंगाना सरकार ने राज्य के 1.11 करोड़ श्रमिकों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने न्यूनतम वेतन में भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। रेवंत रेड्डी ने गुरुवार को हैदराबाद सचिवालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस फैसले की घोषणा की। सरकार के इस निर्णय के बाद अब मजदूरों को हर महीने 16 हजार रुपये से 20 हजार रुपये तक न्यूनतम वेतन मिलेगा। नई व्यवस्था 1 जून 2026 से लागू होगी।

 

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा, 'सरकार ने मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी को लेकर एक अहम फैसला लिया है। पिछली सरकार की लापरवाही की वजह से 1 करोड़ 11 लाख मजदूरों को नुकसान उठाना पड़ा। इसी वजह से हमारी सरकार ने डिप्टी सीएम भट्टी विक्रमार्क की अगुवाई में एक कैबिनेट सब-कमेटी बनाई। चर्चा के बाद राज्य सरकार ने यह फैसला लिया। हमने मजदूरों को चार कैटेगरी में बांटा है अकुशल, अर्धकुशल, कुशल और उच्च कुशल। पहले दो जोन थे लेकिन अब इन्हें तीन हिस्सों में बांटा गया है।'

 

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अब राज्य सरकार ने इन्हीं चार अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार न्यूनतम वेतन तय किया है। अकुशल मजदूरों का वेतन 12,750 रुपये से बढ़ाकर 16,000 रुपये कर दिया गया है। अर्धकुशल श्रमिकों को पहले 13,152 रुपये मिलते थे और अब 17,000 रुपये मिलेंगे। वहीं कुशल श्रमिकों का पुराना वेतन 13,772 रुपये था जो अब 18,500 रुपये हो गया। उच्च कुशल श्रमिकों का वेतन पहले 14,607 रुपये था जो अब 20,000 रुपये तय किया गया है।

तीन जोन में बंटेगा राज्य

सरकार ने न्यूनतम वेतन व्यवस्था को लागू करने के लिए पूरे राज्य को तीन जोन में भी बांटा है। जोन-1 में नगर निगम क्षेत्र, जोन-2 में नगर पालिका क्षेत्र और जोन-3 में ग्रामीण इलाके शामिल किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इससे अलग-अलग क्षेत्रों की जरूरतों के हिसाब से मजदूरों को बेहतर वेतन मिल सकेगा।

 

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मुख्यमंत्री ने युवाओं से केवल IT सेक्टर और अमेरिका में नौकरी तलाशने की मानसिकता से बाहर आने की अपील की। उन्होंने कहा कि जर्मनी, जापान और सिंगापुर जैसे देशों में तकनीकी कौशल वाले युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर मौजूद हैं। इसी दिशा में राज्य सरकार ने स्किल्स यूनिवर्सिटी की स्थापना की है, ताकि युवाओं को रोजगार आधारित शिक्षा और प्रशिक्षण दिया जा सके।