तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने भारत में बैन संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) के संस्थापक वी प्रभाकरन को सोमवार को श्रद्धांजलि दी। सीएम के इस कदम से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने उनके इस बयान को लेकर सीधा कांग्रेस पर निशाना साधा है। साथ ही बीजेपी ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी को याद दिलाया कि LTTE ने उनके पिता और देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के लिए जिम्मेदार था।

 

दरअसल, कांग्रेस तमिलनाडु की नई नवेली टीवीके सरकार में भारीदार है। यही वजह है कि बीजेपी ने सीधे टीवीके से सवाल ना करने कांग्रेस से सवाल किया है। हालांकि, विजय का बचाव करते हुए, उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कजगम ने कहा कि उनका इशारा श्रीलंका में हजारों तमिलों के नरसंहार की ओर था, न कि सिर्फ प्रभाकरन की मौत की ओर।

 

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प्रभाकरन का पूर्व पीएम की हत्या में हाथ

प्रभाकरन को 1991 में राजीव गांधी की हत्या का मुख्य आरोपी बनाया गया था और एक मौजूदा प्रधानमंत्री की हाई-प्रोफाइल हत्या में उसकी भूमिका के लिए भारत में LTTE पर बैन लगा दिया गया था। बता दें कि वी प्रभाकरन को साल 1991 में राजीव गांधी की हत्या का मुख्य आरोपी बनाया गया था। भारत के प्रधानमंत्री की हाई-प्रोफाइल हत्या में उसकी भूमिका के लिए भारत में LTTE पर बैन लगा दिया गया था।

विजय ने मुलिवाइक्कल को याद किया

वी प्रभाकरन को 18 मई, 2009 को श्रीलंका के मुलिवाइक्कल में लंकाई सेना ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उनकी पुण्यतिथि पर, विजय ने उस जगह का जिक्र करते हुए एक्स पर लिखा, 'हम मुलिवाइक्कल की यादों को अपने दिलों में संजोकर रखेंगे! हम समुद्र के उस पार रहने वाले अपने तमिल रिश्तेदारों के अधिकारों के लिए हमेशा एकजुटता से खड़े रहेंगे!'

 

 

 

बीजेपी ने क्या कहा?

सीएम विजय के इसी बयान पर बीजेपी के मीडिया सेल चीफ अमित मालवीय ने सीएम विजय के प्रभाकरन को श्रद्धांजलि देने पर राहुल गांधी पर हमला किया और उन्हें याद दिलाया कि उनके पिता की हत्या में LTTE का हाथ था।

 

उन्होंने कहा, 'तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री ने LTTE चीफ वेलुपिल्लई प्रभाकरन को श्रद्धांजलि दी है, जिसके संगठन ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या की थी। बेशक, राहुल गांधी को इससे कोई दिक्कत नहीं होगी, जब तक कांग्रेस को सत्ता का एक हिस्सा मिलता रहे। आखिर, डीएमके भी LTTE का समर्थक थी। फिर भी कांग्रेस उसके साथ गठबंधन में पूरी तरह से सुखी थी।'

 

 

 

 

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टीवीके ने बचाव किया

टीवीके ने कहा कि मुलिवाइकल का जिक्र श्रीलंका में हजारों लंकाई तमिलों के नरसंहार के बारे में भी है, न कि सिर्फ LTTE के पूर्व चीफ प्रभाकरन की मौत के बारे में। पार्टी ने कहा कि किसी भी सही सोच वाले नेता का फर्ज है कि वह बेगुनाहों की जान जाने को याद रखे। टीवीके ने कहा कि मुख्यमंत्री विजय ने अपनी पोस्ट में प्रभाकरन का नाम नहीं लिया है।

 

दुनिया भर में श्रीलंकाई तमिल आबादी और भारत में तमिलों का एक हिस्सा 18 मई को मुलिवाइकल याद दिवस (या तमिल नरसंहार याद दिवस) के तौर पर मनाता है।