केरल कांग्रेस के एक नेता का विवादित वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वह पार्टी कार्यकर्ताओं से सियासी प्रतिद्वंद्विता में महिलाओं को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने की सलाह दे रहे हैं। उनके अपमानजनक बयान के बाद केरल का सियासी पारा चढ़ गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूडीएफ उम्मीदवार रॉय के पॉलोस के समर्थन में वाझाथोप में एक रैली की गई। यहां इडुक्की जिला कांग्रेस कमेटी (DCC) के अध्यक्ष सीपी मैथ्यू ने विवादित बयान दिया।
अपने वीडियो में वह पार्टी कार्यकर्ताओं को झगड़े के दौरान महिलाओं को शामिल करने और कपड़े फाड़कर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी, ताकि सियासी विरोधियों को फंसाया जा सके।
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कथित तौर पर उन्होंने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय की महिलाओं को विवाद के दौरान शामिल करने का आग्रह किया, ताकि एससी-एसटी एक्ट में गंभीर मामला दर्ज किया जा सके। उन्होंने कहा कि टकराव की स्थिति में महिलाएं अपने कपड़े फाड़ सकती हैं और शिकायत दर्ज करवा सकती हैं। इससे राजनीतिक विरोधियो के खिलाफ मामले मजबूत होंगे।
जी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक सीपी मैथ्यू एक महिला नेता का नाम लेते हैं और कहते हैं, 'उनकी अगुवाई में एलडीएफ के प्लेक्स बोर्ड रौंदे गए। महिला नेता को निर्देश दिया गया था कि अगर एलडीएफ के लोग आए तो वह अपना ब्लाउज फाड़ दे, क्योंकि वह आदिवासी हैं, इस वजह से विभाग का रवैया अलग होगा।'
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उधर, विरोधी दल कांग्रेस पर कानून के दुरुपयोग का आरोप लगा रही है। सीपीआई (एम) ने कहा कि यह चुनाव को प्रभावित करने और विरोधियों को फंसाने की एक सोची-समझी रणनीति है।
