संजय सिंह, पटना। गया जंक्शन के पास वाराणसी से राजगीर जा रही बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस को पलटाने की बड़ी साजिश नाकाम हो गई। रेल पटरी पर मौत का सामान यानी भारी लोहे का सीएसटी-9 प्लेट रखा मिला। ट्रेन चालक की सूझबूझ से समय रहते इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी गई, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। रेलवे ने इसे साजिश मानकर जांच शुरू कर दी है। कुछ अज्ञात लोगों पर केस दर्ज हुआ है। घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद अब तक रहस्य बरकरार है।
घटना कुछ दिन पहले देर रात की है। बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस गया जंक्शन से पटना की ओर रवाना हुई थी। ट्रेन जैसे ही स्टार्टर सिग्नल के पास पहुंची, ड्राइवर की नजर पटरी पर रखी संदिग्ध चीज पर पड़ी। अंधेरे में चमकते लोहे के टुकड़े को देखकर ड्राइवर को शक हुआ। हालात की गंभीरता समझते ही ड्राइवर ने बिना देर किए इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया। तेज रफ्तार ट्रेन कुछ ही दूरी पर रूक गई। ड्राइवर इंजन से उतरा तो देखा कि पटरी पर भारी भरकम सीएसटी-9 प्लेट रखा है। ये प्लेट रेल की पटरी जोड़ने में इस्तेमाल होती है। इसका वजन 20-25 किलो तक होता है।
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गार्ड को दी सूचना, मचा हड़कंप
ड्राइवर ने तुरंत गार्ड को वायरलेस पर सूचना दी। इसके बाद रेलवे के सुरक्षा कंट्रोल रूम को पूरे मामले की जानकारी दी गई। खबर मिलते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। रात करीब 2 बजे आरपीएफ और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची। जवानों ने ट्रैक से लोहे का प्लेट हटाया और पूरे ट्रैक की जांच की। सब कुछ ठीक मिलने के बाद ही ट्रेन को आगे के लिए ग्रीन सिग्नल दिया गया।
दो ट्रेनें रोकी गईं, टला बड़ा हादसा
सुरक्षा के लिहाज से रेलवे ने एहतियात बरती। गया की ओर आ रही गंगा-दामोदर एक्सप्रेस और राजगीर से पटना होते हुए गया आने वाली एक दूसरी ट्रेन को भी कुछ देर के लिए रोक दिया गया ।अधिकारियों का कहना है कि अगर ड्राइवर की नजर नहीं पड़ती और ट्रेन इस प्लेट से टकरा जाती तो डिब्बे पलट सकते थे। सैकड़ों यात्रियों की जान खतरे में पड़ जाती। ड्राइवर की सतर्कता ने बड़ा हादसा टाल दिया।
साजिश की आशंका, केस दर्ज
रेलवे अधिकारियों की शुरुआती जांच में ये साफ है कि सीएसटी-9 प्लेट जानबूझकर पटरी पर रखा गया था। ये अपने आप ट्रैक पर नहीं आ सकता। प्लेट का वजन ज्यादा है, इसे कोई उठाकर ही रख सकता है। इसी वजह से रेलवे इस पूरे मामले को ट्रेन पलटाने की साजिश मान रहा है। DDU रेल मंडल के डीआरएम के आदेश पर आरपीएफ ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। गहन जांच शुरू हो गई है।
गेटमैन से पूछताछ, ढूंढे जा रहे सबूत
सूत्रों के मुताबिक घटना वाली रात गया-पटना रेलखंड के चौसठ-सी समपार फाटक पर तैनात गेटमैन से भी पूछताछ की गई है। जांच टीम ये पता कर रही है कि रात में फाटक के आसपास कोई संदिग्ध घूमता दिखा था या नहीं। आरपीएफ की टीम आसपास के गांवों में भी जाकर पूछताछ कर रही है। ट्रैक के किनारे लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। डॉग स्क्वॉड से भी जांच कराई गई है।
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कई दिन बाद भी राज बरकरार
घटना को कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक ये पता नहीं चल पाया है कि पटरी पर प्लेट किसने रखा और उसका मकसद क्या था। क्या ये शरारत थी या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा? रेलवे अधिकारी नाम न छापने की शर्त पर बताते हैं कि सभी एंगल से जांच हो रही है। नक्सली कनेक्शन, स्थानीय बदमाश या रेलवे से नाराज किसी कर्मचारी की भूमिका, हर पहलू को देखा जा रहा है।


