उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में 26 फरवरी 2026 को एक चौंका देने वाला मामला सामने आया। जिले की एक अदालत में जज ने हत्या के मामले में दोषी पाए गए दो लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सजा सुनते ही दो दोषियों ने जज को ही जान से मारने की धमकी दे डाली। इन दोनों ने कहा कि वे जानते हैं कि जज कहा रहते हैं। दोनों ने जज को देख लेने की धमकी भी दे डाली।
जिस केस में सजा सुनाई गई, वह करीब दो साल पुराना है। 19 मई 2024 को धामपुर थाना क्षेत्र के गांव मटोरा दुर्गा के निवासी पुखराज सिंह अपने खेत पर काम कर रहे थे। उसी दौरान जयदीप और पिंटू चौहान एक कार से वहां पहुंचे और पुरानी रंजिश के चलते पुखराज को कार से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने जांच के बाद दोनों के खिलाफ ठोस सबूत पेश किए थे।
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अदालत में हंगामा
चतुर्थ अपर जिला और सत्र जज निजेंद्र कुमार ने दोनों आरोपियों को पुखराज की हत्या का दोषी पाया और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। सजा का एलान होते ही दोनों दोषी अपना आपा खो बैठे। उन्होंने न केवल जज को धमकी दी बल्कि मृतक की बेटी को लेकर भी अपशब्द कहे और उसे भी गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। इससे अदालत परिसर में हड़कंप मच गया।
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जज की सुरक्षा
धमकी मिलने के तुरंत बाद अदालत की ओर से पुलिस प्रशासन को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की गई। सूचना मिलते ही सीओ सिटी भारी पुलिस बल के साथ कोर्ट पहुंचे। जज को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए पुलिस का घेरा तैयार किया गया। बिजनौर के पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने बताया कि जज के आवास और उनके आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
शासकीय अधिवक्ता अजीत पवार के अनुसार अदालत कक्ष के अंदर जज को धनकी देना एक बहुत बड़ा अपराध है। इस मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई और दोषियों के इस बर्ताव के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया जा रहा है।
