ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा है कि उनके खिलाफ चल रहा मौजूदा विवाद एक अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा है। उनका सीधा आरोप है कि दुनिया के सबसे बड़े सेक्स स्कैंडल 'एपस्टीन फाइल्स' से भारतीयों का ध्यान भटकाने के लिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। शंकराचार्य का मानना है कि भारत में जानबूझकर उनके खिलाफ खबरें चलाई जा रही हैं ताकि लोग उन प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय हस्तियों के बारे में सवाल न पूछें जिनका नाम एपस्टीन की फाइलों में सामने आ रहा है।
अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ प्रयागराज के झूंसी थाने में पॉक्सो ऐक्ट के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। दो नाबालिग बच्चों ने उन पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। इस पर सफाई देते हुए शंकराचार्य ने कहा कि यह पूरी कहानी बनावटी है और उन्हें बदनाम करने के लिए रची गई है।
उन्होंने सबूत के तौर पर कुछ तस्वीरें भी दिखाई जिनमें जांच करने वाले एक पुलिस अधिकारी शिकायतकर्ता के साथ जन्मदिन मनाते दिख रहे हैं। उनका तर्क है कि जब आरोपी और पुलिस इतने करीब हैं, तो निष्पक्ष जांच कैसे संभव है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पॉक्सो केस में पीड़ितों की पहचान गुप्त रखी जाती है। फिर उनके बयान मीडिया में कैसे लीक हो रहे हैं।
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एपस्टीन फाइल्स से जोड़ा मामला
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने इस पूरे विवाद को 'एपस्टीन फाइल्स' से जोड़कर कहा है कि पूरी दुनिया इस समय एपस्टीन फाइल्स के खुलासे पर चर्चा कर रही है, वहीं भारत में जानबूझकर 'शंकराचार्य विवाद' को हवा दी जा रही है। उनका मानना है कि मीडिया और सरकार जनता को उनके मामले में उलझाकर उन बड़े नामों को बचाना चाहती है जिनका जिक्र एपस्टीन की फाइलों में हो सकता है।
अविमुक्तेश्वरानंद स्पष्ट किया है कि उनके ऊपर लगाए गए आरोप और एफआईआर एक सोची-समझी योजना का हिस्सा हैं। उन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट में अपनी सुरक्षा और गिरफ्तारी को लेकर याचिका भी दी है। उनका कहना है कि उन्हें जेल भेजने की तैयारी सिर्फ इसलिए है ताकि एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मुद्दा भारत की सुर्खियों से गायब हो जाए।
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सोशल मीडिया पर चर्चा
उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोग दो गुटों में बंट गए हैं। कई लोग उनके इस दावे का समर्थन कर रहे हैं कि भारतीय मीडिया में एपस्टीन फाइल्स पर वैसी चर्चा नहीं हो रही जैसी होनी चाहिए थी जबकि कुछ इसे कानूनी कार्यवाही से बचने का एक तरीका मान रहे हैं।