देहरादून में इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA) के पास एक बड़ा मॉल और रिहायशी कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा है। यह प्रोजेक्ट अब सवालों के घेरे में आ गया है। IMA और सैन्य अधिकारियों की चिंता है कि नागरिक और व्यापारिक गतिविधियों की वजह से सेना की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
इंडियन मिलिट्री एकेडमी ने अधिकारियों को चिट्ठी लिखकर चेतावनी दी है कि यह प्रोजेक्ट रक्षा क्षेत्र के बहुत करीब है। प्रोजेक्ट को सेना ने मंजूरी ही नहीं दी है। बिना मंजूरी के ही प्रोजेक्ट पर जोर दिया जा रहा है। साल 2011 में तत्कालीन यूपीए सरकार ने यह तय किया था कि सैन्य प्रतिष्ठानो के करीब बिना सैन्य मंजूरी के कोई निर्माण नहीं हो सकता है।
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सैन्य प्रतिष्ठानों के नजदीक निर्माण के नियम क्या हैं?
यूपीए सरकार ने यह बताया है कि 100 से 500 मीटर के अंदर कोई भी निर्माण करने से पहले लोकल मिलिट्री अथॉरिटी (LMA) से सिक्योरिटी क्लियरेंस जरूरी है। 100 मीटर के अंदर एक मंजिला इमारत भी नहीं बन सकती और 500 मीटर के अंदर चार मंजिला इमारत बनाने पर पाबंदी है।
IMA के करीब निर्माण लेकिन सेना से मंजूरी नहीं ली
द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक इंडियन मिलिट्री एकेडमी ने 4 फरवरी 2026 को देहरादून के जिला मजिस्ट्रेट को चिट्ठी लिखकर, अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। चिट्ठी में लिखा गया है, 'शिवम बिल्डर्स एंड डेवलपर्स' का 'डून कर्व' प्रोजेक्ट पंडितवाड़ी में बन रहा है। यह प्रोजेक्ट पहले ही मसूरी-देहरादून डेवलपमेंट अथॉरिटी (MDDA) से मंजूर हो गया है।
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IMA की चिंता क्या है?
इंडियन मिलिट्री एकेडमी का कहना है कि सेना से न तो कोई सलाह ली गई, न ही नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NO) लिया गया। IMA ने चिंता जताई है कि इस बहुमंजिला इमार से सैन्य इलाके की संवेदनशीलता प्रभावित होगी। यह सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। इस ऊंची इमारत से सैन्य इलाके की संवेदनशील जगहें सीधे नजर आ सकती हैं। यह सैन्य नजरिए से बेहद खतरनाक होगा।
जवाब ही नहीं दे रहे सरकारी अधिकारी
3 फरवरी 2026 को IMA ने MDDA को भी चिट्ठी लिखकर पूछा कि डिस्टेंस के नियमों की जांच की गई या नहीं। IMA के अधिकारियों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद सरकार या अधिकारियों की तरफ से कोई जवाब या कार्रवाई नहीं हुई।
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MDDA का जवाब क्या है?
MDDA ने इंडियन मिलिट्री एकेडमी की आपत्तियों पर कहा है कि अभी जांच चल रही है, तब तक निर्माण काम रोक दिया गया है।
