दिल्ली मेट्रो के फेज V(A) को मिली मंजूरी राजधानी के लोगों के लिए एक बहुत बड़ी राहत लेकर आई है। सरकार ने इस नए प्रोजेक्ट के लिए करीब 12,014 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट पास किया है, जिसके तहत दिल्ली में 16.1 किलोमीटर लंबी तीन नई मेट्रो लाइनें बिछाई जाएंगी। इस पूरे प्रोजेक्ट को साल 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है। 

 

यह विस्तार प्रधानमंत्री के खास 7-C विजन पर आधारित है, जिसका मतलब है कि एक ऐसी मेट्रो जो सबके लिए सुलभ (Common) हो, हर इलाके को जोड़े (Connected), आरामदायक (Convenient) हो, जाम से मुक्ति (Congestion-free) दिलाए, आधुनिक ऊर्जा से चले (Charged), प्रदूषण कम करके शहर को साफ (Clean) रखे और दुनिया की सबसे बेहतरीन तकनीक (Cutting-edge) वाली हो। इस बड़े कदम से न केवल ट्रैफिक कम होगा, बल्कि दिल्ली की हवा भी साफ होगी।

 

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कहां-कहां बनेगी नई मेट्रो लाइन?

इस योजना में तीन नए रूट तय किए हैं जो शहर के मुख्य हिस्सों को जोड़ेंगे। पहला रूट RK आश्रम से इंद्रप्रस्थ के बीच करीब 10 किलो मीटर लंबा होगा। दूसरा रूट तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज के बीच बनेगा। इससे साउथ दिल्ली और नोएडा के बीच आना-जाना बहुत आसान हो जाएगा। तीसरा छोटा लेकिन जरूरी रास्ता एरोसिटी से एयरपोर्ट टर्मिनल-1 को जोड़ेगा, ताकी यात्रियों को एयरपोर्ट के भीतर सफर करने में कोई परेशानी ना हो। इन तीनों रास्तों पर कुल 13 नए स्टेशन बनाए जाएंगे। 

 

 

 

इंटरचेंज करने में होगी आसानी 

इस नए विस्तार की खास बात यह है कि अब यात्रियों को मेट्रो बदलने के लिए ज्यादा भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। नए फेज के बार सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, नई दिल्ली , आजादपुर और इंद्रलोक जैसे स्टेशन ट्रिपल इंटरचेंज बन जाएंगे। इससे दिल्ली के एक कोने से दूसरे कोने तक का सफर बहुत आसान हो जाएगा।

 

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सबसे लंबी मेट्रो लाइन 

फेज (V)A का काम पूरा होते ही मैजेंटा लाइन दिल्ली-एनसीआर की सबसे लंबी मेट्रो लाइन बन जाएगी, जिसकी लंबाई 89 किलोमीटर होगी। यह लाइन नोएडा के बोटैनिकल गार्डन से शुरू होकर कई बड़े इलाकों को कवर करेगी। साथ ही, यह पूरी लाइन ऑटोमैटिक होगी, जो सुरक्षा और रफ्तार के मामले में बेहद आधुनिक होगी।

जनता और पर्यावरण को फायदा

इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से इंडिया गेट, कर्तव्य पथ और भारत मंडपम जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंचना बहुत आसान हो जाएगा। साथ ही, दिल्ली के सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों को रोज के ट्रैफिक से आजादी मिलेगी। जब लोग अपनी गाड़ियां छोड़कर मेट्रो अपनाएंगे, तो सड़कों पर भीड़ कम होगी और प्रदूषण में भी भारी गिरावट आएगी। अनुमान है कि 2028 तक इस नए विस्तार से रोजाना करीब 8 लाख लोग फायदा उठा सकेंगे।