दिल्ली में गड्ढे में गिरने से एक युवक की मौत का मामला बढ़ता ही जा रहा है। दिल्ली सरकार ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए तीन इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है। यह घटना पश्चिम दिल्ली के जनकपुरी इलाके में हुई थी, जहां दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के काम के दौरान सड़क पर खोदा गया गहरा गड्ढा मौत का कारण बन गया। अब सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल होने के बाद दिल्ली सरकार ने इस मामले में तीन इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है।

 

मामला शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे का है जब पुलिस को सूचना मिली कि जनकपुरी के जोगिंदर सिंह मार्ग पर, ग्रीन वैली अपार्टमेंट के पास एक बाइक सवार गड्ढे में गिर गया है। पुलिस मौके पर पहुंची तो देखा कि 25 साल का युवक कमल ध्यानी अपनी Apache RTR 200 बाइक के साथ गड्ढे में नीचे पड़ा था। वह हेलमेट, राइडिंग जैकेट और दस्ताने पहने हुए था, लेकिन गहराई में गिरने की वजह से उसे काफी चोट आई थी जिससे उसकी मौत हो गई थी।

 

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कॉल सेंटर में करता था नौकरी

कमल रोहिणी सेक्टर 10 में HDFC बैंक के कॉल सेंटर में नौकरी करता था। वह रात में काम से घर लौट रहा था। परिवार का कहना है कि रात करीब 11:30 बजे उसने फोन पर बात की थी और कहा था कि 15 मिनट में घर पहुंच जाएगा। लेकिन वह घर नहीं पहुंचा। परिवार ने बताया कि गड्ढे पर रात में कोई बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड या लाइट नहीं थी। सुबह हादसे के बाद ही हरा जाल (मेश) लगाया गया। परिवार इसे महज हादसा नहीं, बल्कि लापरवाही मान रहा है और दिल्ली जल बोर्ड को जिम्मेदार ठहरा रहा है।

 

यह गड्ढा दिल्ली जल बोर्ड के 'जनकपुरी लाइन रिहैबिलिटेशन प्रोजेक्ट' के तहत खोदा गया था। यह प्रोजेक्ट पानी की पुरानी पाइपलाइनों को ठीक करने या बदलने का काम है। सड़क पर बड़ा गड्ढा खोदा गया था, जो लगभग 25 फीट गहरा बताया जा रहा है। रात के अंधेरे में बाइक सवार को यह दिखाई नहीं दिया और वह सीधे उसमें गिर गया।

केजरीवाल ने लगाए आरोप

आम आदमी पार्टी के काउंसिलर रामिंदर कौर ने काह कि गड्ढे को पीडब्ल्यूडी के द्वारा खोदा गया था और इसमें बैरिकेडिंग नहीं की गई थी। उन्होंने कहा कि उस एरिया में काफी अंधेरा था और पिछले आठ महीने से लगातार काम चल रहा था और किसी भी तरह के सुरक्षा का इंतजाम नहीं किया गया था।

 

वहीं आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि ये हादसा नहीं, बल्कि हत्या है।

 

 

उन्होंने लिखा, 'नोएडा की घटना से भी बीजेपी ने कुछ नहीं सीखा। घोर लापरवाही और गैर-जिम्मेदार रवैया अब बीजेपी सरकारों की पहचान बन चुका है, जिसका खामियाज़ा आम जनता भुगत रही है। ईश्वर उस परिवार को शक्ति दें, जिसने सरकार की लापरवाही की वजह से अपना बच्चा खो दिया।'

सरकार की कार्रवाई

दिल्ली सरकार ने इस घटना पर सख्त रुख अपनाया है। दिल्ली के मंत्री परवेश साहिब सिंह ने कहा कि प्रारंभिक जांच के बाद तीन इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया गया है। इनमें एक एक्जीक्यूटिव इंजीनियर (EE), एक असिस्टेंट इंजीनियर (AE) और एक जूनियर इंजीनियर (JE) शामिल हैं। ये तीनों जनकपुरी लाइन रिहैबिलिटेशन प्रोजेक्ट इलाके से जुड़े थे।

 

मंत्री ने कहा, 'यह सिर्फ शुरुआती कार्रवाई है। हादसे की पूरी जांच के लिए हाई-लेवल कमिटी बनाई गई है। यह कमिटी घटनास्थल का निरीक्षण करेगी, सुरक्षा के इंतजाम देखेगी, नियमों का पालन जांचेगी और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों को ठहराएगी। जांच के आधार पर आगे सख्त कार्रवाई होगी।'

 

पुलिस ने भी मामला दर्ज किया है और जांच कर रही है कि साइट पर रात में बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और रोशनी थी या नहीं। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इलाका ठीक से बंद था, लेकिन परिवार और गवाहों का कहना अलग है।

लोगों में गुस्सा दिखा

यह हादसा दिल्ली में सड़क सुरक्षा और निर्माण स्थलों पर लापरवाही की एक और मिसाल है। सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिसमें बाइक और युवक गड्ढे के नीचे दिख रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि क्यों निर्माण साइटों पर रात में कोई निगरानी नहीं होती? क्यों ठेकेदार और इंजीनियर नियमों की अनदेखी करते हैं?

 

पिछले कुछ समय में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां गड्ढों या खुले नालों में लोग गिरकर घायल हुए या मारे गए। नोएडा में एक टेक इंजीनियर की डूबने वाली घटना के बाद भी लोग सवाल उठा रहे थे। अब जनकपुरी की यह घटना फिर से सवाल खड़े कर रही है कि शहर में विकास के नाम पर जानों की कीमत क्यों चुकानी पड़ रही है?

 

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सरकार ने दिया जांच का आदेश

दिल्ली सरकार ने जांच का आदेश दिया है, इंजीनियर सस्पेंड हुए हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या इससे भविष्य में ऐसी घटनाएं रुकेंगी? निर्माण कार्यों के दौरान सख्त नियम लागू करने चाहिए। रात में लाइट, बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और साइन बोर्ड जरूरी होने चाहिए। ठेकेदारों पर नजर रखी जानी चाहिए और लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।

 

परिवार अब न्याय की मांग कर रहा है। कमल के पिता ने कहा, 'मेरा बेटा घर लौट रहा था, लेकिन सिर्फ लापरवाही की वजह से उसकी जान चली गई़।'