राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला सुर्खियों में आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित गबन के मामले में पूर्व निर्दलीय विधायक बलजीत यादव को गिरफ्तार किया है। ईडी की टीम ने उन्हें मंगलवार, 3 फरवरी देर रात अलवर जिले के शाहजहांपुर इलाके में एक टोल प्लाजा से हिरासत में लिया। यह गिरफ्तारी उनके विधायक रहते हुए एमएलए लोकल एरिया डेवलपमेंट (MLA-LAD) फंड के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले में की गई है।

 

यह मामला 15वीं राजस्थान विधानसभा (2018 से 2023) का है, जब राज्य में कांग्रेस पार्टी सत्ता में थी। तब बलजीत यादव अलवर जिले की बहरोड़ सीट से विधायक थे। ईडी अधिकारियों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन पर आरोप है कि उन्होंने इस दौरान विधायक फंड का गलत इस्तेमाल किया और सरकारी स्कूलों के लिए खेल के सामान की खरीद में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की।

 

यह भी पढ़ें: 'गद्दारी, मक्कारी और अय्याशी से भरा', नेहरू पर ये क्या बोल गए निशिकांत दुबे?

 

इस मामले में जांच जनवरी 2024 में तब तेज हुई जब ईडी ने बलजीत यादव से जुड़े लगभग 10 ठिकानों पर छापा मारा। बताया गया कि ये ठिकाने जयपुर और राजस्थान के दूसरे हिस्सों में थे। यह कार्रवाई 2021-22 के शैक्षिक सत्र के दौरान अलवर जिले के सरकारी स्कूलों में खेल का सामान सप्लाई करने से जुड़े एक कथित घोटाले के सिलसिले में की गई थी।

जांच में क्या पता चला?

जांच में पता चला कि अलवर जिले के 32 सरकारी स्कूलों के लिए एमएलए फंड का इस्तेमाल करके लगभग 3.72 करोड़ रुपये का खेल का सामान खरीदा गया था। आरोप है कि इस खरीद प्रक्रिया में चार खास फर्मों को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर के नियमों में हेरफेर की गई। जांच एजेंसियों का दावा है कि ये चारों फर्म सिर्फ टेंडर हासिल करने के मकसद से बनाई गई थीं और उनका कोई असली बिजनेस इतिहास नहीं था।

 

ईडी और दूसरी एजेंसियों ने यह भी पाया कि खेल के सामान असल मार्केट कीमत से लगभग ढाई गुना ज्यादा कीमत पर खरीदे गए थे। इस मामले में ईडी की जांच के आधार पर, राजस्थान एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 2024 में बलजीत यादव और चारों फर्मों के मालिकों के खिलाफ एफआईआईर दर्ज की थी।

 

यह भी पढ़ें: SIR का केस लड़ने SC पहुंचीं ममता बनर्जी, जोरदार बहस के बाद चुनाव आयोग को नोटिस

 

जांच में यह भी पता चला कि अलवर जिला परिषद ने बलजीत यादव की सिफारिश पर मई 2021 और जनवरी 2022 के बीच खरीदारी के लिए प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी दी थी। इस पूरी प्रक्रिया के लिए नीमराना पंचायत समिति को नोडल एजेंसी बनाया गया था।

बलजीत यादव का राजनीतिक सफर

बलजीत यादव का राजनीतिक सफर भी चर्चा का विषय रहा है। निर्दलीय विधायक होने के बावजूद, उन्होंने 2020 के राजनीतिक संकट के दौरान अशोक गहलोत सरकार का समर्थन किया था। हालांकि, उन्हें 2023 के विधानसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ा। वह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) उम्मीदवार जसवंत सिंह यादव से हार गए। हालांकि, वह कांग्रेस उम्मीदवार संजय यादव से ज्यादा वोट हासिल करने में कामयाब रहे थे।