प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने कोलकाता और मुर्शिदाबाद में एक साथ कई जगहों पर नए सिरे से छापेमारी की है। यह पूरी कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध तरीके से जमीन हड़पने के एक बड़े मामले से जुड़ी है। इस केस में कोलकाता पुलिस के पूर्व अधिकारी शांतनु सिन्हा बिस्वास और अपराधी बिस्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू मुख्य आरोपी हैं। ये दोनों इस समय ईडी की हिरासत में हैं। जांच एजेंसी को इन दोनों से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के बाद यह छापेमारी की गई है।
ईडी की टीमों ने इस मामले में कुल नौ अलग-अलग जगहों पर एक साथ पहुंचकर तलाशी ली है। इन जगहों में कोलकाता के कस्बा, चक्रबेरिया और रॉयड स्ट्रीट इलाके मुख्य हैं। इसके अलावा, मुर्शिदाबाद के कंडी में स्थित शांतनु सिन्हा बिस्वास का पुश्तैनी घर भी जांच के घेरे में है। इन जगहों के अलावा बिस्वास के रिश्तेदार सौरभ अधिकारी कोलकाता पुलिस के सब-इंस्पेक्टर रुहिल अमीन अली और मोहम्मद अली उर्फ मैक्स राजू के घर पर भी तलाशी ली गई है।
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क्यों हो रही है यह जांच?
ईडी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन्होंने गलत तरीके से जमीन कैसे खरीदी और पैसा कहां से आया। टीम वहां मौजूद जरूरी कागज, मोबाइल, लैपटॉप और बैंक रिकॉर्ड्स की जांच कर रही है। इसमें यह भी देखा जा रहा है कि जमीन के इस खेल में किन-किन लोगों ने इनका साथ दिया। इसी सिलसिले में दक्षिण कोलकाता के चक्रबेरिया में एक ऐसे बिजनेसमैन के घर भी तलाशी हुई है जो सोना पप्पू का करीबी है।
इस केस में कुछ पुलिस वालों पर भी शक है। ईडी ने कस्बा में सब-इंस्पेक्टर रुहिल अमीन अली के घर छापा मारा है जो पुलिस वेलफेयर कमेटी के पदाधिकारी रह चुके हैं। बताया जा रहा है कि वह शांतनु सिन्हा बिस्वास की पत्नी के बिजनेस में शामिल थे। इसके अलावा रॉयड स्ट्रीट के एक होटल के मैनेजर से पूछताछ हुई है और होटल के मालिक को भी ईडी के सामने बुलाया गया है।
बिस्वास के घर पर हुई कार्रवाई
मुर्शिदाबाद के कंडी में शांतनु का घर पिछले एक हफ्ते से बंद पड़ा था। ईडी की टीम ने वहां करीब दो घंटे तक इंतजार किया लेकिन जब कोई नहीं आया तो उन्हें ताला तोड़कर अंदर जाना पड़ा। इसी घर में शांतनु की बहन गौरी सिन्हा बिस्वास रहती हैं जो नगरपालिका की उपाध्यक्ष हैं।
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इस मामले में ईडी ने पहले भी कई लोगों को गिरफ्तार किया है। सबसे पहले अप्रैल में जॉय एस कामदार नाम के एक लोकल बिजनेसमैन को पकड़ा गया था। उसके बाद पूर्व पुलिस अधिकारी शांतनु सिन्हा बिस्वास को गिरफ्तार किया गया। फिर 18 मई को पूछताछ के बाद बिस्वजीत पोद्दार जिसे सोना पप्पू भी कहते हैं, उसको भी ईडी ने पकड़ लिया।
ईडी का कहना है कि सोना पप्पू एक खतरनाक अपराधी है। उसका नाम 2015 में बालीगंज में हुई हिंसा, 2017 में हत्या के एक मामले और 2021 में जेल के बाहर हुए हमले में आया था। अभी ईडी इन सब से पूछताछ कर रही है और सबूत जुटा रही है।
