उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में सौतेली बेटी से दुष्कर्म के आरोप में दर्ज मुकदमे की जांच के दौरान बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सिंधौली थाना क्षेत्र में पूछताछ के लिए थाने लाए गए आरोपी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। पुलिस उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंची, जहां से जिला अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। एक ओर पीड़िता ने अपने सौतेले पिता पर तीन वर्षों तक दुष्कर्म, तीन बार जबरन गर्भपात और शादी के बाद भी यौन शोषण जारी रखने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं मृतक के परिजऩ ने बेटी और दामाद पर झूठा मुकदमा दर्ज कराकर फंसाने का आरोप लगाया है।
पीड़िता ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि उसका सौतेला पिता पिछले तीन वर्षों से उसके साथ दुष्कर्म करता था। उसने यह भी कहा कि उसकी मां पूरे मामले की जानकारी होने के बावजूद आरोपी का साथ देती थी। विरोध करने पर उसके हाथ पकड़ लिए जाते थे और उसके साथ मारपीट की जाती थी। पीड़िता का दावा है कि इस दौरान तीन बार जबरन गर्भपात कराया गया। उसने आरोप लगाया कि गर्भपात की दवा भी आरोपी ही घर लेकर आता था।
शादी के बाद भी मायके बुलाकर करता था दुष्कर्म
पीड़िता ने बताया कि उसकी शादी दो महीने पहले हुई थी लेकिन इसके बाद भी आरोपी फोन कर उसे मायके बुलाता था। मायके पहुंचने पर उसके साथ दुष्कर्म करता था और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देता था। पीड़िता के मुताबिक, वारदात के दौरान उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया जाता था ताकि वह शोर न मचा सके। उसने यह भी बताया कि उसका आधार कार्ड और पायल मायके में रख लिए गए थे, जिन्हें वापस लेने के बहाने भी उसे बुलाया जाता था।
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पति को बताई पूरी आपबीती, फिर दर्ज हुआ मुकदमा
लंबे समय तक डर और सामाजिक बदनामी के कारण चुप रहने के बाद पीड़िता ने पूरी घटना अपने पति को बताई। पति ने भी आरोप लगाया कि जब वह काम पर चला जाता था तो आरोपी उनके घर तक पहुंच जाता था, जिससे दोनों लगातार भय और मानसिक तनाव में जी रहे थे। इसके बाद दोनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपी को पूछताछ के लिए सिंधौली थाने लाई थी। पूछताछ के दौरान उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। पुलिस उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंची, जहां से जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार अस्पताल लाए जाने के समय आरोपी का ब्लड प्रेशर 210 था और ऑक्सीजन स्तर भी सामान्य नहीं था। प्राथमिक उपचार के बाद उसे रेफर किया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।
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परिजन ने लगाया झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप
मृतक के बड़े भाई ने आरोप लगाया कि उनकी भतीजी और उसके पति ने झूठे आरोप लगाकर उनके भाई को फंसाया है। उनका कहना है कि पूरा परिवार एक ही घर में रहता था और उन्हें इस तरह के आरोपों पर विश्वास नहीं है। मृतक की पत्नी ने भी बेटी, दामाद और बेटी की शादी कराने वाले एक व्यक्ति पर साजिश रचने का आरोप लगाया है।
एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि सौतेली बेटी की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया था। पूछताछ के लिए थाने लाए जाने के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल रेफर किए जाने के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है।


