उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) के दीक्षांत समारोह में छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए विवाह, शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि आजकल कई लड़के-लड़कियां पढ़ाई के दौरान घर से भाग जाते हैं, जिसके बाद लड़कियां गर्भवती हो जाती हैं। युवाओं को नसीहत देते हुए उन्होंने कहा कि बाद में ऐसे बच्चों को कोई अपनाने वाला नहीं होता और वे सरकारी बालगृहों तक पहुंच जाते हैं।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने स्पष्ट कहा कि वह लव मैरिज की विरोधी नहीं हैं लेकिन उन्होंने युवाओं को पहले आत्मनिर्भर बनने और उसके बाद ही विवाह का फैसला करने की सलाह दी।
राजधानी के सिद्धीखेड़ा बालिका गृह का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वहां ऐसे कई मामले सामने आते हैं, जहां कम उम्र में लिए गए फैसलों का खामियाजा युवतियों और उनके बच्चों को भुगतना पड़ता है। उन्होंने छात्रों से कहा कि पढ़ाई पूरी करें, अपने पैरों पर खड़े हों और उसके बाद ही शादी जैसे बड़े फैसले लें। उन्होंने कहा, 'ऐसा पराक्रम मत करिए। पहले आत्मनिर्भर बनिए, फिर शादी कीजिए।'
'मैं लव मैरिज की विरोधी नहीं'
राज्यपाल ने अपने बेटे का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वह पढ़ाई के लिए बेंगलुरु गया था तो उन्होंने उससे कहा था कि यदि कोई लड़की पसंद हो तो बताना, मैं शादी करा दूंगी। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रेम विवाह से कोई आपत्ति नहीं है लेकिन आत्मनिर्भरता से पहले विवाह नहीं होना चाहिए।
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निर्माण कार्यों पर भी जताई नाराजगी
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में हो रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई जगह बिजली के स्विच गलत स्थान पर लगाए गए हैं, बच्चों के लिए पानी के नल और शौचालय उनकी पहुंच से ऊंचे बनाए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि निर्माण करने वालों की डिग्री कहीं फर्जी तो नहीं है? साथ ही, विश्वविद्यालय प्रशासन को गुणवत्ता और उपयोगिता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
सरकारी शिक्षकों को दी जिम्मेदारी
आनंदीबेन पटेल ने कहा कि सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में गरीब परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं, इसलिए वहां के शिक्षकों को अधिक मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही समाज और देश को आगे ले जा सकती है।राज्यपाल ने युवाओं से कहा कि वे केवल तकनीक का उपयोग करने वाले नहीं, बल्कि नई तकनीक विकसित करने वाले बनें। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), नवाचार, स्टार्टअप और रोजगार सृजन के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
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मंत्री आशीष पटेल बोले- समाज को लौटाइए
प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने छात्रों से कहा कि विश्वविद्यालय ने उन्हें ज्ञान और अवसर दिए हैं, अब समाज को वापस देने का समय है। उन्होंने युवाओं से तकनीक का सकारात्मक उपयोग करने और उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान देने की अपील की।