संजय सिंह, पटना: बिहार के मधेपुरा जिले में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और आसान किस्तों पर लोन दिलाने का सपना दिखाकर ठगी का एक बड़ा खेल सामने आया है। सिंहेश्वर थाना क्षेत्र के दुर्गा चौक पर खुले एक कथित प्राइवेट बैंक ने करीब 100 महिलाओं से लाखों रुपये ऐंठ लिए और फिर रातों-रात गायब हो गया। अब पीड़ित महिलाएं इंसाफ के लिए भटक रही हैं, वहीं पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

 

बताया जा रहा है कि आकांक्षा क्रेडिट कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक संस्था ने 4 मई को दुर्गा चौक पर एक किराए का कमरा लिया। बाहर बड़ा बोर्ड, अंदर मेज-कुर्सी और रसीद काटने का इंतजाम देखकर लोगों को लगा कि कोई असली बैंक खुला है। स्थानीय लोगों को जरा भी अंदाजा नहीं था कि यह सब केवल लोगों को ठगने के लिए किया गया दिखावा है।

 

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लोन के नाम पर ऐसे बुना ठगी का जाल

दफ्तर खुलते ही संस्था के एजेंट गांव-गांव पहुंच गए। उन्होंने खासकर गरीब महिलाओं को निशाना बनाया। महिलाओं को लालच दिया गया कि उन्हें बिना किसी झंझट के 1 लाख 60 हजार रुपये तक का लोन मिल जाएगा। ठगों ने भरोसा जीतने के लिए कहा कि लोन लेने से पहले बैंक में खाता खुलवाना होगा, जिसके लिए फाइल चार्ज और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 5-5 हजार रुपये जमा करने होंगे। पैसे जमा करने के बदले महिलाओं को रसीद भी दी गई ताकि किसी को शक न हो।

सैकड़ों महिलाएं शिकार, लाखों लेकर भागे ठग

देखते ही देखते मधेपुरा के अलावा सहरसा और सुपौल जिले की भी कई महिलाएं इस झांसे में आ गईं। करीब सौ महिलाओं ने अपने मेहनत की कमाई बैंक में जमा कर दी। अनुमान है कि ठगों ने लगभग 5 लाख रुपये वसूल लिए। असली सच्चाई तब पता चली जब महिलाएं तय तारीख पर लोन का पैसा लेने पहुंचीं। वहां बैंक का शटर गिरा था, दफ्तर खाली था और कर्मचारियों के फोन भी बंद थे। तब महिलाओं को समझ आया कि वे लूट चुकी हैं।

 

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गुस्साई महिलाओं का हंगामा और पुलिस की कार्रवाई

धोखाधड़ी का पता चलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। रोती-बिलखती महिलाओं ने जमकर हंगामा किया और बैंक का ताला तोड़ने की कोशिश की। सूचना मिलते ही सिंहेश्वर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और महिलाओं को शांत कराया। थाना प्रभारी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ितों से आवेदन लिया जा रहा है और केस दर्ज कर जांच की जाएगी। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि संस्था ने जो कागज दिखाए थे, वे असली थे या फर्जी।