गुजरात के वडोदरा स्थित GMERS मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मेडिकल लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां खून चढ़ाने का इंतजार कर रहे एक टीबी मरीज को गलती से दूसरे मरीज के लिए रखा गया खून चढ़ा दिया गया। इस घटना के सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया और तत्काल जांच के आदेश दिए गए हैं।

 

अस्पताल प्रशासन ने अपनी शुरुआती प्रतिक्रिया में गलती को स्वीकार किया है। मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. अनुप चंदानी ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई है। जो संबंधित नर्सिंग स्टाफ के बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई तय करेगी।

 

यह भी पढ़ें: शराब के लिए पानी नहीं लाया बच्चा, गुस्से में मासूम को मार दी गोली

कैसे हुई इतनी बड़ी चूक?

जानकारी के अनुसार, घटना उसी समय हुई जब दो मरीजों को एक साथ ब्लड ट्रांसफ्यूजन की जरूरत थी। दोनों के लिए ब्लड बैंक से खून जारी किया गया और जरूरी जांच प्रक्रिया भी पूरी की गई। ट्रांसफ्यूजन से पहले जब खून को फ्रिज से निकालकर सामान्य तापमान पर रखा गया, उसी दौरान गड़बड़ी हो गई और खून गलत मरीज को चढ़ा दिया गया।

 

डॉ. चंदानी के मुताबिक, जैसे ही गलती का पता चला, ट्रांसफ्यूजन तुरंत रोक दिया गया। किसी भी तरह के रिएक्शन से बचाव के लिए मरीज को एहतियाती इलाज दिया गया और उसे तुरंत ICU में शिफ्ट किया गया। वहां मरीज को स्टेरॉयड, एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएं और ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया। अस्पताल का कहना है कि 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी मरीज की हालत स्थिर बनी हुई है और कोई गंभीर रिएक्शन सामने नहीं आया है।

 

यह भी पढ़ें: मुंडन की खुशियां मातम में बदली, गंगा में डूबने से दो बहनों समेत चार की मौत

परिजनों ने उठाए सवाल

जहां अस्पताल प्रशासन मरीज की स्थिति को स्थिर बता रहा है, वहीं पीड़ित के परिजन ने स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजन का कहना है कि अस्पताल की इस बड़ी लापरवाही के कारण मरीज की हालत में सुधार होने के बजाय गिरावट आई है और उसकी जान जोखिम में डाल दी गई है। फिलहाल, अस्पताल प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों को और सख्त करने का आश्वासन दिया है।