संजय सिंह, पटना। पूर्व विधायक गोपाल मंडल एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। इस बार मामला भागलपुर में होलिका दहन कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर हथियार लहराने का है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है।
बताया जा रहा है कि यह वीडियो भागलपुर जिले का है, जहां होलिका दहन कार्यक्रम के दौरान पूर्व विधायक गोपाल मंडल हाथ में हथियार लिए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आते ही स्थानीय लोगों में चर्चा तेज हो गई और देखते ही देखते यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो गया।
वीडियो सामने आते ही हरकत में आई पुलिस
भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। जिला स्तर के एक अधिकारी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वायरल वीडियो की सत्यता क्या है, उसमें दिख रहा हथियार लाइसेंसी था या नहीं और कार्यक्रम के दौरान हथियार लेकर पहुंचना नियमों के अनुरूप था या नहीं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, वीडियो की तकनीकी जांच भी कराई जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि फुटेज में किसी तरह की एडिटिंग तो नहीं की गई है। यदि प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाते हैं तो विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
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पहले भी विवादों में रहे हैं मंडल
यह पहला अवसर नहीं है जब गोपाल मंडल का नाम हथियार को लेकर विवादों में आया हो। विधायक रहते हुए वे पूर्वी बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (मायागंज अस्पताल) में भी हथियार के साथ पहुंच गए थे। उस समय भी यह मामला काफी चर्चा में रहा था और अस्पताल परिसर में हथियार ले जाने को लेकर सवाल उठे थे। राजनीतिक जीवन में बेबाक बयानों और विवादित गतिविधियों के कारण वे अक्सर सुर्खियों में रहे हैं। उनके समर्थक जहां इसे ‘व्यक्तिगत सुरक्षा’ का मामला बताते हैं, वहीं विरोधी इसे कानून-व्यवस्था के प्रति असंवेदनशीलता करार देते रहे हैं।
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होलिका दहन में हथियार क्यों बना मुद्दा?
होलिका दहन जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। ऐसे सार्वजनिक आयोजनों में हथियार का प्रदर्शन कानून-व्यवस्था के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। यही कारण है कि वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लिया। कानून विशेषज्ञों के अनुसार, लाइसेंसी हथियार रखना एक बात है, लेकिन सार्वजनिक कार्यक्रम में उसे लहराना अलग विषय है। यदि इससे किसी प्रकार का भय या अव्यवस्था की स्थिति बनती है, तो यह दंडनीय भी हो सकता है।
राजनीति में फिर गरमाया मुद्दा
घटना के बाद स्थानीय राजनीति भी गर्मा गई है। विपक्षी दलों ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, गोपाल मंडल की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस की जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि वायरल वीडियो में दिख रही तस्वीरें किस हद तक सही हैं और आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, भागलपुर में यह मामला चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।
