पश्चिम बंगाल की राजनीति में गुरुवार को बड़ा संवैधानिक घटनाक्रम देखने को मिला। राज्यपाल आरएन रवि ने 7 मई 2026 से राज्य विधानसभा को भंग करने का आदेश जारी कर दिया। इसके साथ ही ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार का कार्यकाल औपचारिक रूप से समाप्त हो गया। हालिया विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद यह फैसला बेहद अहम माना जा रहा है। आपको बता दें कि ममता दीदी ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद ये कदम उठाया गया।

 

4 मई 2026 को घोषित हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों में BJP ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रचंड बहुमत हासिल किया। पार्टी ने कुल 207 सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं ममता बनर्जी की अगुवाई वाली TMC इस बार सिर्फ 80 सीटों तक सिमट गई। इसके अलावा कांग्रेस और हुमायुन कबीर की पार्टी AJUP को 2-2 सीटें मिलीं, जबकि CPI(M) और AISF ने 1-1 सीट पर जीत दर्ज की।

 

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राज्यपाल ने जारी किया आधिकारिक आदेश

राजभवन की ओर से जारी अधिसूचना में संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) का हवाला देते हुए विधानसभा भंग करने की जानकारी दी गई। आदेश में कहा गया कि 7 मई 2026 से पश्चिम बंगाल विधानसभा को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाता है। यह विधानसभा मई 2021 में गठित हुई थी, जब ममता बनर्जी लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटी थीं। अब पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद नई विधानसभा के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

इस्तीफा न देने पर बढ़ा था विवाद

गौरतलब है कि चुनाव परिणाम आने के बाद ममता बनर्जी ने कड़े तेवर अपनाते हुए हार स्वीकार करने से मना कर दिया था। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन नतीजों को 'जनता का जनादेश नहीं बल्कि एक बड़ी साजिश' करार दिया था। उन्होंने दो टूक कहा था, 'मैं हारी नहीं हूं, इसलिए इस्तीफा नहीं दूंगी।' उनके इस रुख ने राज्य में एक अभूतपूर्व राजनीतिक टकराव की स्थिति पैदा कर दी थी लेकिन विधानसभा भंग होने के बाद अब उनकी सरकार और मुख्यमंत्री की शक्तियां अपने आप ही समाप्त हो गई हैं।

 

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9 मई को होगा BJP सरकार का शपथ ग्रहण समारोह

BJP पश्चिम बंगाल में अपनी पहली सरकार बनाने के लिए तैयार है। 9 मई को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक बड़ा शपथ ग्रहण समारोह होगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ-साथ NDA शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की उम्मीद है। बंगाल में मुख्यमंत्री पद के लिए सुवेंदु अधिकारी सबसे आगे हैं। राज्य अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार और स्वपन दासगुप्ता भी दौड़ में हैं।