हरियाणा के हांसी के चानौत गांव में भीषण गर्मी के बीच पानी के लिए संघर्ष जारी है। कई दिनों से जारी संघर्ष पुलिस की ओर से दर्ज FIR के बाद भड़क गया। यह FIR कुछ अज्ञात लोगों के पाइपलाइन में अवैध टी लगाने के मामले में दर्ज की गई थी। इसके बाद पाइपलाइन को क्षति पहुंचाने के मामले में FIR हुई और ग्रामीणों और प्रशासन के बीच टकराव बढ़ गया। 

 

चानौत गांव में ग्रामीण टी-कनेक्शन के लिए लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं।  ग्रामीणों का दावा है कि उनकी मांग को मंजूरी मिल गई है, जबकि प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की। इसके बाद से आंदोलन तेज कर दिया गया। यह आंदोलन अब बड़ा रूप ले चुका है और सीएम नायब सैनी सीधे तौर पर अब इस पर नजर रख रहे हैं। 

 

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पूरा मामला समझिए

भाखड़ा नहर का पानी गांवों तक पहुंचने को लेकर यह विवाद हो रहा है। इसके लिए करोड़ों की लागत से पाइपलाइन बिछाई जा रही है। गांवों के जलघरों तक भाखड़ा नहर का पानी पहुंचाने के लिए लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से विशेष पाइपलाइन बिछाने की योजना बनाई गई थी। पाइपलाइन का करीब 18 किलोमीटर कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन वन विभाग की आपत्ति के कारण परियोजना पिछले लगभग एक साल से अधर में लटकी हुई है। इससे गांव के लोग परेशान हैं। इसके साथ ही हांसी शहर को पानी देने के लिए 61.44 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का काम चल रहा है। इस पाइपलाइन में पानी भाखड़ा नहर से ही आता है। यह पाइपलाइन चानौती गांव से होकर गुजरेगी। अब ग्रामीण शहर के लिए बिछाई जा रही पाइपलाइन से टी-कनेक्शन के जरिए पानी की मांग कर रहे हैं। 

क्यों भड़का विवाद?

चानौत गांव के लोग कई दिनों से पानी के कनेक्शन के लिए प्रदर्शन कर रहे थे 38 दिनों तक गांव वालों ने लगातार धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद पूर्व सरपंच एसोसिएशन के प्रधान सोमेश कुमार ने टी कनेक्शन लगवाया। इसके बाद अधिकारियों ने कहा कि शहर के लिए बिछाई जा रही भाखड़ा पर जल पाइपलाइन में गांव चानौत में टी-कनेक्शन लगाने को लेकर विभाग के पास अभी तक उच्च अधिकारियों की ओर से कोई नया आदेश या निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है।

सीएम के साथ हुई मीटिंग

गांव वाले अब लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। गुरुवार को धरना कमेटी के सदस्य चंडीगढ़ में हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी से मिले। गांव के लोगों को प्रदर्शन करते 41 दिन हो चुके हैं। ऐसे में सरकार पर भी धरना खत्म करवाने का दबाव है। इस मीटिंग में सीएम सैनी ने चानौत गांव के लिए अलग से पेयजल लाइन बिछाने का आश्वासन दिया है। हालांकि, सीएम ने भाखड़ा पेयजल परियोजना से टी कनेक्शन देने की मांग खारिज कर दी। सीएम ने तर्क दिया की प्रदेश में किसी भी गांव को अमृत योजना के तहत बिछाई जा रही लाइन से पानी नहीं दिया गया है। 

 

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आगे क्या?

सीएम नायब सिंह सैनी ने धरना कमेटी की अन्य मांगे मान ली हैं और गांव के लिए 1 करोड़ रुपये जारी करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, उनकी मुख्य मांग को अस्वीकार कर दिया गया है। सीएम से मीटिंग के बाद धरना कमेटी के सदस्य देर शाम गांव में पहुंच गए हैं। इसके बाद आज वे अन्य लोगों के साथ बैठक कर आगे फैसला लेंगे। बताया जा रहा है कि ग्रामीण सीएम नायब सैनी के आश्वासन से संतुष्ट हैं और धरना खत्म करने पर विचार कर सकते हैं।