महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई की एक सड़क का हिस्सा अचानक चर्चा में आ गया है। इसकी वजह है कि अगर आप इस पर अपनी गाड़ी दौड़ाएंगे तो गाड़ी के टायरों के रगड़ने से फिल्म 'स्लमडॉग मिलियनेयर' के मशहूर गाने 'जय हो' की धुन निकलेगी। 'मेलोडी रोड' के नाम से मशहूर हो रही यह सड़क असल में मुंबई कोस्टल रोड का ही ही हिस्सा है। असल में इसके पीछे भी एक विज्ञान है जो हम आगे बताने वाले हैं।

 

हाल ही में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस रोड का उद्घाटन किया। रोड तो पहले से थी, बस इस मेलोडी रोड वाले पार्ट का उद्घाटन किया गया है। धर्मवीर स्वराज्यरक्षक छत्रपति संभाजी महाराज मुंबई कोस्टल रोड (साउथ) पर अमर्सन गार्डेन से ब्रीच कैंडी रोड के बीच के हिस्से पर यह मेलोडी वाला हिस्सा तैयार किया गया है। कुल 500 मीटर लंबे इस हिस्से पर अगर आप भी अपनी गाड़ी चलाएंगे तो आपको 'जय हो' की धुन सुनाई देगी।

 

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इसके बारे में हंगरी के कौंसुल जनरल फेरेंक जारी कहते हैं, 'यह बेहद दुर्लभर कॉन्सेप्ट है और कुछ ही देशों में ऐसी सड़के हैं। इसे बनाने का सबसे सस्ता तरीका हंगरी के पास है। एक बार एक भारतीय कारोबारी हंगरी गए थे और उन्होंने वहां की मेलोडी रोड पर गाड़ी चलाई और उन्होंने एक धुन सुनी तो वह मेरे पास आए और पूछा कि क्या हम भारत में ऐसा कर सकते हैं? हमने हंगरी के इंजीनियर्स से संपर्क किया और उनकी टीम ने प्रोजेक्ट तैयार किया। BMC ने इसके लिए हमें कोस्टल रोड का यह हिस्सा दिया और 'जय हो' गाने को चुना गया। हमें उम्मीद है कि मुंबई के लोगों को यह पसंद आएगा।'

 

 

 

सड़क से धुन कैसे निकलती है?

 

आपने भी सड़क पर गाड़ी चलाते समय ध्यान दिया होगा कि बीच में बनी सफेद पट्टियों पर गाड़ी चला देने पर टायर से अलग तरह की आवाज आती है। बस इसी कॉन्सेप्ट में थोड़ा और दिमाग लगा दिया गया, म्यूजिक के नोड्स जमीन पर उतार दिए गए और तैयार हो गई यह मेलोडी रोड। ये जो आप सड़क पर अलग-अलग तरह की सफेद पट्टियां देखते हैं इन्हें ही रंबल स्ट्रिप्स बोलते हैं।

 

सड़क पर बनी इन सफेद पट्टियों की थोड़ी बहुत ऊंचाई भी होती है। अब इन्हीं के शेप, साइज और फॉर्मैट को सेट करके संगीत निकाला जा सकता है। कई बार अलग-अलग स्पीड भी मायने रखती है और एक तय स्पीड पर ही वह संगीत निकलता है। उदाहरण के लिए- UAE फुजाइरा में बनी सड़क पर धुन निकालने के लिए आपको 105 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ी भगानी होगी।

 

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संगीतकारों को अच्छे से पता होता है कि कैसी धुन निकालने के लिए कहां और किस मटीरियल पर कैसी चोट करनी चाहिए। जैसे कि आप मेज पर हाथ मारें तो दूसरे तरह की आवाज निकलेगी और आप किसी स्टील के बर्तन पर आवाज मारें तो किसी दूसरे तरह की आवाज निकलेगी। 

 

अब सड़क से धुन निकालने वाला यह कॉन्सेप्ट भौतिक विज्ञान के वाइब्रेशन यानी कंपन के हिसाब से काम करता है। एक पट्टी से दूसरी पट्टी की दूरी और एक सेगमेंट से दूसरे सेगमेंट की दूरी भी इसी के हिसाब से रखी जाती है।

मुंबई वाली सड़क पर धुन कैसे निकलेगी?

 

मुंबई वाली मेलोडी रोड की लंबाई सिर्फ 500 मीटर है। इस पर धुन निकालने के लिए आपकी गाड़ी की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच होनी चाहिए। मुंबई कोस्टल रोड पर आप आराम से इस रफ्तार से कार भगा सकते हैं। इस रफ्तार में गाड़ी भगाने पर ही आप इस म्यूजिक को सुन पाएंगे। बस ध्यान रखना है कि कार के शीशे खुले हों और आपका ध्यान न भटके।

 

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कहां-कहां हैं ऐसी सड़कें?

 

UAE के फुजाइरा में जुलाई 2025 में एक ऐसी ही सड़क बनाई गई जिसकी लंबाई 1 किलोमीटर थी। इससे पहले जापान में कई सड़कों पर संगीत उतारा जा चुका है। डेनमार्क के गैलिंग में तो साल 1995 में ही यह कॉन्सेप्ट लाया गया था और सड़कें धुन बजाने लगी थीं।

 

साउथ कोरिया, अमेरिका, चीन, ईरान, इंडोनेशिया, बेलारुस, ताइवान, फ्रांस, तुर्की, अर्जेंटीना, रूस और हंगरी की सड़कों पर भी ऐसे हिस्से देखे जा सकते हैं जो अलग-अलग धुन पैदा करते हैं।